हैदराबाद: पिछले 30 वर्षों से निरंतर एवं समर्पित भाव से कैंसर-मुक्त समाज के निर्माण तथा कैंसर रोगियों की सेवा में योगदान दे रहे तथा हाल ही में 26 मई को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा ‘पद्मश्री पुरस्कार’ से सम्मानित किए गए अपोलो हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख (एचओडी) एवं प्रोफेसर डॉ. पी. विजय आनंद रेड्डी का 4 जून को प्रातः 11 बजे जुबली हिल्स स्थित अपोलो हॉस्पिटल में तेलंगाना मेधावी मंच (तेलंगाना इंटेलेक्चुअल्स फोरम) की राज्य इकाई की ओर से भव्य सम्मान किया जाएगा। यह जानकारी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राज नारायण मुदिराज तथा महासचिव प्रोफेसर अख्तर अली ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है।
गौरतलब है कि डॉ. विजय आनंद रेड्डी ने उस्मानिया मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस एवं एमडी की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। इसके पश्चात उन्होंने चेन्नई स्थित अडयार कैंसर इंस्टीट्यूट से क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी तथा मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल से रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाल कैंसर रोगियों के उपचार हेतु डॉ रेड्डी ने वर्ष 2003 में एक फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके माध्यम से सैकड़ों बच्चों को निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ. विजय आनंद रेड्डी भारत के अग्रणी कैंसर विशेषज्ञों एवं ऑन्कोलॉजिस्टों में गिने जाते हैं। उन्होंने विश्वभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से ऑन्कोलॉजी में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अपने शोध कार्यों एवं चिकित्सा विशेषज्ञता के माध्यम से वे भारत में कैंसर उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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डॉ. रेड्डी का मानना है कि धन, नाम और प्रसिद्धि से अधिक महत्वपूर्ण ईमानदारी एवं परिश्रम है। उन्होंने कहा कि कैंसर रोगियों को मानसिक संबल प्रदान करना, उन्हें आशा और आत्मविश्वास देना तथा उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी तथा ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक देशों में ऑन्कोलॉजी विषय पर व्याख्यान दिए हैं तथा कैंसर अनुसंधान एवं उपचार के क्षेत्र में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। जनवरी 2018 में उन्हें अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रतिष्ठित एओएस (AOS) ‘अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, वर्ष 1998 में स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित ‘यूआईसीसी (अंतरराष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ’ (International Union for Cancer Control) द्वारा कैंसर अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वर्ष 1996 में न्यूयॉर्क (अमेरिका) में आयोजित ‘इंडो-अमेरिकन कैंसर कांग्रेस’ में उन्हें यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ भी प्रदान किया गया।
