पिंडदान खाने नहीं आया कौआ, ‘कलियुगी’ परिजनों ने उठाया यह कदम

हैदराबाद : हिंदू समुदाय में यह परंपरा है कि यदि व्यक्ति की मौत होती है तो कौओं को पिंडदान किया जाये। लोगों में विश्वास है कि इसे खाने के लिए कौए पितृदेवताएं के रूप में आते है और खाते हैं। हालांकि, तेज धूप (गर्मी) और शहरी करण के चलते हैदराबाद में कौओं की कमी आई है।

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इसी क्रम में शहर के पुराना पुल शमशान घाट में एक परिवार ने पिंडदान रखा, लेकिन घंटों तक देखने पर भी कौआ नहीं आया। यह देख मृतक के परिजनों ने मीर चौक से एक कौआ खरीदकर लेकर आये और पिंडदान खिलाया । यह देखकर आसपास के लोग आश्चर्य चकित हो गये। आसपास के लोग कहते पाये गये है कि इसे ही कलियुग कहते हैं।

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