तेलंगाना के करीमनगर शहर में हड़कंप मचाने वाले भगतनगर डकैती केस को करीमनगर पुलिस ने सुलझा लिया है। मीडिया के सामने विवरण देते हुए करीमनगर डीसीपी वेंकटरमण ने बताया कि इस डकैती के मुख्य साजिशकर्ता पीड़ित का अपना दामाद और नाती हैं।
हैदराबाद: पीड़ित अजमत अली के घर में नकदी और सोना होने की जानकारी पहले से जुटाकर दामाद रजा उद्दीन ने अपने बेटे अजीम रजा के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। व्यापार में नुकसान होने के कारण उसने अपने ससुर से 5 लाख रुपये मांगे थे। पैसे न मिलने पर उसने रंजिश पाल ली।
उत्तर प्रदेश के तीन आरोपियों के साथ मिलकर 21 जुलाई की आधी रात को नकली पिस्टल और चाकू लेकर घर में घुस गए। परिजनों के हाथ-पैर बांधकर बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और चांदी लूटकर ले गए।
पुलिस की नजर उन पर पड़ सकती है, यह भांपकर दामाद और नाती पहले से चल रहे एक हत्या के मामले में मेरठ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिए। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर करीमनगर पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से मेरठ में विशेष ऑपरेशन चलाकर तीनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 2 लाख 9 हजार रुपये नकद, 43.67 ग्राम सोना और 64.98 ग्राम चांदी बरामद की गई।
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डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को ट्रांजिट वारंट पर करीमनगर लाकर रिमांड पर भेजा जा रहा है। वहीं जेल में बंद मुख्य आरोपी दामाद रजाउद्दीन और नाती अजीम रजा को जल्द ही पीटी वारंट पर लाया जाएगा। पुलिस ने चेतावनी दी किइस चोरी में परिवार की एक महिला की भूमिका को लेकर भी संदेह है। जांच में पता चलने पर उस महिला के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
