पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के हैदराबाद चैप्टर ने भव्य रूप से मनाया विश्व जनसंपर्क दिवस-2026, सम्मानित अतिथि, मुख्य अतिथि और अध्यक्ष ने दिया इस विषय पर बल

हैदराबाद: पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के हैदराबाद चैप्टर ने गुरुवार को रेड हिल्स स्थित फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सुराणा सभागार में विश्व जनसंपर्क दिवस-2026 भव्य रूप से मनाया। इस कार्यक्रम में पीआर प्रोफेशनल्स, चैप्टर के सदस्य, जनसंपर्क शिक्षक और विभिन्न संस्थानों के पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्र शामिल हुए।

कार्यक्रम में स्वागत करते हुए पीआरएसआई हैदराबाद चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. कंभमपाटी यादगिरी ने कहा कि इस साल का वैश्विक विषय “रणनीतिक जनसंपर्क का स्वर्ण युग” दुनिया भर के संचार पेशेवरों को तेजी से जुड़ते हुए विश्व में विश्वसनीयता, विश्वास और संबंध निर्माण के बढ़ते महत्व पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि हैदराबाद चैप्टर जनसंपर्क पेशे को बढ़ावा देने और समाज में इसके महत्व एवं भूमिका के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने में सबसे आगे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व जनसंपर्क दिवस की शुरुआत 2020 में अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क और संचार संगठनों के एक समूह द्वारा की गई थी। यह दिवस नैतिक संचार को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक समाजों को मजबूत करने में जनसंपर्क के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ‘पब्लिक रिलेशंस वॉयस’ के संपादक वाई. बाबजी ने जनसंपर्क को एक बहु-विषयक हाइब्रिड पेशा बताया, जो संचार विज्ञान, पत्रकारिता, प्रबंधन, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, विपणन, अर्थशास्त्र, कानून, सूचना प्रौद्योगिकी, व्यवहार विज्ञान और रचनात्मक कलाओं के ज्ञान को एकीकृत करता है। इन विषयों को मिलाकर जनसंपर्क संगठनों को अपने विविध हितधारकों के साथ विश्वास-आधारित संबंध बनाने और बनाए रखने में सक्षम बनाता है, जिससे यह पेशा आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि विश्व जनसंपर्क दिवस आधुनिक जनसंपर्क के जनक माने जाने वाले आइवी लेडबेटर ली (16 जुलाई 1877) की जयंती के साथ मनाया जाता है। उनकी ऐतिहासिक “घोषणा के सिद्धांत” ने सत्य, पारदर्शी और जिम्मेदार संचार की नींव रखी थी।

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बाबजी ने प्रचार, लॉबिंग और सार्वजनिक मामलों से जनसंपर्क को अलग करते हुए कहा कि पीआर मूल रूप से नैतिकता, आपसी समझ और दीर्घकालिक संबंध प्रबंधन पर आधारित है। उन्होंने पेशे के दुनिया भर में तेजी से विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के उद्योग अनुमानों के अनुसार, वैश्विक जनसंपर्क बाजार का मूल्य 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है और यह लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि संगठन अब प्रतिष्ठा प्रबंधन, हितधारक जुड़ाव, स्थिरता संचार और संकट संचार के महत्व को तेजी से समझ रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और तेलंगाना सरकार के पूर्व विशेष मुख्य सचिव व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जय मिश्रा ने कहा कि देश भर में अपने चैप्टर्स के माध्यम से जनसंपर्क पेशे को आगे बढ़ाने में पीआरएसआई द्वारा निभाई जा रही अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग सात दशकों तक एक पेशेवर संस्था को सफलतापूर्वक बनाए रखना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि जनसंपर्क मानव गतिविधि के हर क्षेत्र में मौजूद है और इस बात पर जोर दिया कि पीआर पेशेवरों की सबसे आवश्यक क्षमताओं में से एक प्रभावी सार्वजनिक वक्ता कौशल है। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के प्रेरणादायक संचार कौशल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इन दूरदर्शी नेताओं ने देश के इतिहास के महत्वपूर्ण दौरों में भारत के आदर्शों को दुनिया के सामने सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया।

अजय मिश्रा ने आगे कहा कि जहाँ डिजिटल तकनीक एक संदेश को कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों तक पहुंचाने में सक्षम बनाती है, वहीं गलत सूचना, फेक न्यूज और डीपफेक का तेजी से प्रसार सार्वजनिक विश्वास के लिए अभूतपूर्व चुनौतियां पेश करता है। उन्होंने कहा, “यह वास्तव में रणनीतिक जनसंपर्क का स्वर्ण युग है, न कि इसलिए कि संचार आसान हो गया है, बल्कि इसलिए कि नैतिक, पारदर्शी और जिम्मेदार संचार पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।

हैदराबाद के अंतिम निजाम के वंशज और सम्मानित अतिथि नवाब रौनक यार खान ने संक्षिप्त रूप से अपने शाही वंश का उल्लेख किया और पीआरएसआई के हैदराबाद चैप्टर द्वारा दी जा रही पेशेवर सेवाओं की सराहना की। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और अधिक सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चैप्टर की पहलों का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की।

पीआरएसआई हैदराबाद चैप्टर के सचिव राजेश कल्याण ने धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए जनसंपर्क और संचार पेशे को लगातार प्रोत्साहन देने के लिए नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए तेलंगाना ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने एनएमडीसी के डीजीएम सी. श्रीनिवास राव, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर प्रिंटर्स के अध्यक्ष सी. रविंदर रेड्डी, स्टूडेंट फोरम कमेटी के संयोजक कृष्णबाबजी, ‘पीआर वॉयस’ के एसोसिएट एडिटर पी. मोहन राव, विमेंस विंग की संयोजक श्रीमती अपर्णा राजहंस और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति के प्रति आभार जताया। उन्होंने श्रीमती राजेश्वरी अय्यर का भी आभार जताया जिन्होंने मुख्य अतिथि और सम्मानित अतिथि को चैप्टर से जोड़ा।

कल्याण ने इस बात पर जोर दिया कि हैदराबाद चैप्टर ने सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, गोलमेज चर्चाओं और छात्र सहभागिता पहलों के माध्यम से लगातार पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है। इसमें कॉलेजों और स्कूलों में नालंदा-पीआरएसआई स्टूडेंट फोरम भी शामिल हैं। कार्यक्रम का समापन जनसंपर्क पेशेवरों द्वारा डिजिटल मीडिया और उभरती संचार प्रौद्योगिकियों से आकार ले रहे इस युग में नैतिक संचार, पेशेवर उत्कृष्टता और जिम्मेदार सार्वजनिक सहभागिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की नवीनीकृत प्रतिबद्धता के साथ हुआ। साथ ही उन्होंने सत्य, विश्वास और पारदर्शिता की त्रिपद पर पेशे को मजबूती से बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया।

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