हैदराबाद : रक्षा मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के उपक्रम मिश्रा धातु निगम लिमिटेड (मिधानि) ने हैदराबाद में “धातुकर्म उद्योग की एआई यात्रा हेतु डेटा स्ट्रेटेजी” (Data Strategy for Metallurgical Industry’s AI Journey) विषय पर एक एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग जगत तथा रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा धातुकर्म एवं विनिर्माण क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा विश्लेषण (Data Analytics) एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार- विमर्श किया।
कार्यशाला का उद्घाटन मिधानि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एस. वी. एस. नारायण मूर्ति द्वारा किया गया। तेलंगाना सरकार के आयुक्त (ईएसडी) टी. रवि किरण, आईएफएस ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर मिधानि की निदेशक (वित्त) श्रीमती के. मधुबाला, निदेशक (उत्पादन एवं विपणन) श्री पी. बाबू तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्रीमती स्पूर्ति रेड्डी, आईआरएस भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत एआई विषयक वीडियो प्रस्तुति, अपर महाप्रबंधक (आईटी) ए. के. तिवारी द्वारा स्वागत संबोधन तथा मिधानि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा उद्घाटन उद्बोधन हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, तेलंगाना सरकार के आयुक्त (ईएसडी) टी. रवि किरण, तिरुमला, आईएफओएस ने भविष्य के लिए सक्षम एवं सुदृढ़ उद्योगों के निर्माण तथा भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने में एआई एवं डेटा-आधारित प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने तेलंगाना शासन द्वारा जन्म पंजीकरण, सरकारी विद्यालयों, बिलों, कराधान तथा चिकित्सा अभिलेखों के क्षेत्रों में लागू की जा रही डेटा पहलों की जानकारी दी। उन्होंने तेलंगाना डेटा एक्सचेंज (TGDeX) के बारे में भी विस्तार से बताया, जो डेटा साझाकरण एवं एआई नवाचार के लिए भारत की प्रथम राज्य-स्तरीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है।
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मिधानि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एस. वी. एस. नारायण मूर्ति ने अपने संबोधन में धातुकर्म की यात्रा को एक कला से धातु विनिर्माण प्रक्रिया के “डिजिटल ट्विन” के डिज़ाइन तक विकसित होने की प्रक्रिया के रूप में वर्णित किया। उन्होंने प्रक्रिया अनुकूलन (प्रॉसेस ऑपटिमैज़ेशन), पूर्वानुमानित अनुरक्षण (प्रिडेक्टिव मैंटेनेन्स) तथा मिश्रधातु (अलॉय) डिज़ाइन में एआई के उपयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए सामरिक विनिर्माण क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने एवं नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

मिधानि की निदेशक (वित्त) श्रीमती के. मधुबाला ने विभिन्न स्रोतों से डेटा संकलन, विश्लेषण एवं उससे प्राप्त अंतर्दृष्टियों के माध्यम से उत्पादन लागत में कमी लाने तथा आपूर्ति श्रृंखला क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। मिधानि के निदेशक (उत्पादन एवं विपणन) पी. बाबू ने धातु विनिर्माण उद्योगों में एआई को अपनाने तथा विभिन्न प्रक्रियाओं के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने में डेटा विश्लेषण की भूमिका को रेखांकित किया। मिधानि की मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्रीमती स्पूर्ति रेड्डी, आईआरएस ने प्रक्रिया-संबंधी डेटा के साथ-साथ वित्त, क्रय, विपणन, मानव संसाधन एवं अन्य सहायक सेवाओं सहित सभी क्षेत्रों में डेटा के डिजिटलीकरण के महत्व को रेखांकित किया।
तकनीकी सत्रों में शिक्षाविदों, कॉरपोरेट एवं रक्षा संगठनों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों- आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर डॉ. जी. फणी कुमार, आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. अलंकार अलंकार, गूगल इंडिया की स्टाफ डेवलपर एडवोकेट डॉ. अभिरामी सुकुमारन तथा डीवाईएसएल-एसएम के वैज्ञानिक-सी के.एन.एस. पवन कुमार ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने सरकार एवं रक्षा संगठनों के लिए उन्नत डेटा विश्लेषण एवं एआई, ऊर्जा-कुशल एवं सुरक्षित एआई रणनीतियाँ, सामग्री एवं विनिर्माण नवाचार हेतु एआई एवं मशीन लर्निंग प्रोटोकॉल, उपकरण निर्माताओं (OEM) के अनुप्रयोगों से आगे बढ़कर विशाल प्रक्रिया डेटा के उपयोग, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में एआई कार्यान्वयन रणनीतियों तथा उन्नत धातुकर्म अनुप्रयोगों हेतु डेटा-आधारित उपकरणों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

कार्यशाला में “कोर धातुकर्म उद्योगों में एआई” विषय पर एक रोचक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें विनिर्माण पारितंत्र में उत्पादकता, गुणवत्ता, परिचालन दक्षता एवं नवाचार को बढ़ाने हेतु एआई के प्रभावी उपयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। मिधानि की यह एआई पहल उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा एक सुदृढ़ डेटा-संचालित कार्य-संस्कृति के विकास के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है, जिससे भारत की सामरिक धातुकर्म क्षमताओं को और सशक्त बनाया जा सके। कथन “डेटा से खोज तक, नवाचार से प्रभाव तक” कार्यशाला की भावना को सार्थक रूप से अभिव्यक्त करता है तथा डेटा को उपयोगी अंतर्दृष्टियों एवं नवाचार को राष्ट्रीय प्रभाव में रूपांतरित करने की मिधानि की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन मिधानि की वरिष्ठ प्रबंधक (आईटी) सुश्री मानाली हिंगराजिया द्वारा किया गया। मिधानि की प्रबंधक (आईटी) सुश्री लक्ष्मी प्रसन्ना ने रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में एआई विषयक सत्र के अंतर्गत मिधानि की एआई परियोजनाओं के पोर्टफोलियो की प्रस्तुति दी। कार्यशाला के सफल आयोजन में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन मिधानि की उप महाप्रबंधक (आईटी) सुश्री श्रावंती चिटिकेसी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
