नोट- देश वासी इस समय अनेक समस्याओं से परेशान हैं। श्रमिक दो वक्त की रोटी के लिए दिन रात तरस रहे हैं। पढ़ें लिखे युवक बेरोजगार हैं। पूंजीपति लोगों का ‘खून’ चूस रहे हैं। अमेरिका के इशारे पर हमारा देश फैसले ले रहा है। परिणामस्वरूप देश पर कर्ज का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। इस पर उभर पाएंगे ऐसा निकट भविष्य में दिखाई नहीं देता है। निजी अस्पताल की नजर मरीज की पूंजी पर है। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज जिंदा लौट आएगा इसकी गारंटी नहीं है। फिर भी अनेक समस्याओं से परेशान व्यक्ति अपनी जिंदगी की बागडोर संभालकर आगे चल रहा है। ऐसे समय में ये मिलावट करने वाले दरिंदें लोगों की जिंदगी बर्बाद करने पर तुले हैं। वैसे तो ‘तेलंगाना समाचार’ मौत की सजा के खिलाफ है। हालांकि, बेकसूर लोगों को इस प्रकार जहर खिलाने वालों को मौत की सजा समर्थन करता है और सरकार को इस पर विचार करने का सुझाव देता है। इस पर पाठक अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।
हैदराबाद: खाना खाने के बाद पचने के लिए थोड़ा सौंफ मुंह में डालें तो पाचन की बात छोड़िए, स्टमक अल्सर या कैंसर तक हो सकता है! जुकाम, खांसी या गले में खराश के लिए एक लौंग मुंह में रखें तो बीमारी का जाना तो दूर, जान तक जा सकती है! क्योंकि हम जो मसाले इस्तेमाल कर रहे हैं, वो सब मिलावटी हो गए हैं। ताजा मामले में हैदराबाद के बेगमबाजार में हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) द्वारा की गई छापेमारी में यह बात सामने आई। मसालों को चमकदार बनाने के लिए व्यापारी सिंथेटिक, इंडस्ट्रियल कलर और यहां तक कि हेयर डाई मिला रहे हैं। यह जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
हैदराबाद के बेगमबाजार, काटेदान, माइलारदेवपल्ली व बालापुर में स्थित मसाला केंद्रों पर H-FAST के नेतृत्व में की गई छापेमारी में मिलावट का बड़ा रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। कुल 25,300 किलो मिलावटी मसाले जब्त किए गए और तीन व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया। लौंग, सरसों, साजीरा, जीरा, सौंफ, अजवाइन सहित अन्य मसालों को चमकाने के लिए सिंथेटिक कलर, कपड़ों पर लगने वाले रंग और हेयर डाई इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
यह भी पता चला है कि खुशबू के लिए चेहरे पर लगाने वाला टैल्कम पाउडर भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में हैदराबाद सीपी सज्जनार, जॉइंट सीपी विजय कुमार और H-FAST डीसीपी गायकवाड़ वैभव रघुनाथ के साथ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में मंगलवार को मीडिया को विवरण दिया गया। केमिकल्स और सिंथेटिक कलर्स से मसालों में मिलावट करने के तरीके को डेमो के जरिए समझाया गया। इस मौके पर सज्जनार ने कहा कि लोगों की जान को खतरे में डालने वाले मिलावटी मसाले बनाने वाले आरोपियों पर देश में पहली बार BNS की धारा 110 के तहत केस दर्ज किया गया है। पीडी एक्ट भी लगाया जाएगा। खाद्य मिलावट के स्रोतों का पता लगाने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी बनाई जा रही है।
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थोक में हो रहा धंधा
राजस्थान के विशाल पवार और दुलीचंद कच्छवा बेगमबाजार में और राहुल भाटी काटेदान में रहते हैं। ये तीनों परिवार कई साल पहले ही हैदराबाद आकर बस गए। ये बेगमबाजार सहित हैदराबाद की थोक मंडियों में विभिन्न प्रकार का व्यापार करते हैं। जीरा, लौंग और विभिन्न मसालों को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित पूरे देश में थोक में बेचते हैं। इसके लिए हैदराबाद के बाहरी इलाकों काटेदान, माइलारदेवपल्ली व बालापुर के आसपास पैकिंग सेंटर बना रखे हैं। इन तीनों यूनिटों में मसालों में मिलावट करके बेगमबाजार के साथ-साथ शहर की थोक मंडियों में सप्लाई की जा रही है। खासकर खाने में अनिवार्य रूप से इस्तेमाल होने वाली लौंग, सरसों, जीरा, सौंफ सहित 11 तरह के मसाले और रिफाइंड ऑयल में मिलावट की जा रही हैं।
सिंथेटिक ऑरेंज, रेड, ग्रीन कलर्स के साथ-साथ कपड़ों की रंगाई में इस्तेमाल होने वाले रंग, इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कलर्स, हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले नाइट्रोजन, अमोनियम जैसे केमिकल्स वाले रंगों को मसालों में मिलाया जा रहा है। ज्यादा चमक और खुशबू के लिए टैल्कम पाउडर और राइस ब्रान ऑयल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनियों से लाए गए घटिया सरसों के स्टॉक में फैब्रिक डाई (हेयर कलर), टैल्कम पाउडर और ऑयल मिलाकर उन्हें कृत्रिम चमक देने के साथ-साथ वजन भी बढ़ाया जा रहा है। लौंग और जीरे जैसे सुगंधित मसालों को आकर्षक रंग देने के लिए सिंथेटिक कलर्स की कोटिंग की जा रही है। जीरा और अजवाइन में इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले रंग मिलाए जा रहे हैं। इस तरह तैयार किए गए मिलावटी मसालों पर कई कंपनियों के नाम के लेबलिंग-स्टिकर लगाकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों में 50 फीसदी कम रेट पर सप्लाई किया जा रहा है।
तीन दिन का जॉइंट ऑपरेशन
मिलावटी मसालों के धंधे की जानकारी मिलने पर H-FAST और GHMC के फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों ने शनिवार से सोमवार तक तीन दिनों तक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। हैदराबाद कमिश्नरेट क्षेत्र के मसाला व्यापारियों सहित 13 प्रोसेसिंग यूनिटों में छापेमारी की गई। मिलावटी मसालों से जुड़े माइलारदेवपल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 2 और बालापुर थाना क्षेत्र में 1 केस दर्ज किया गया। काटेदान के राहुल भाटी, बेगमबाजार के विशाल पावर और दुलीचंद कच्छवा को गिरफ्तार किया गया।
H-FAST की जांच में सामने आए मिलावट के मामले
फूड सेफ्टी अधिकारियों और पुलिस ने 17 जुलाई को हैदराबाद सिटी में संयुक्त रूप से छापेमारी कर 850 किलो मिलावटी घी और क्रीम जब्त की। क्योर एरिया के 14 घी बनाने और बेचने के केंद्रों में सर्च कर 15 नमूने लिए गए। कई जगहों पर पूरी तरह दूषित और खाने लायक न होने वाले 60 किलो घी को वहीं नष्ट कर दिया गया।
मेदक जिले के नरसापुर मंडल के रेड्डीपल्ली में 15 जुलाई को टास्क फोर्स पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने के केंद्र पर अचानक छापा मारकर 150 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया। शिवन्नगारी सुधाकर गौड नामक व्यक्ति दूध पाउडर और केमिकल्स मिलाकर मिलावटी दूध बना रहा था। टास्क फोर्स पुलिस की सूचना पर फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रदीप कुमार वहां पहुंचे और मिलावटी दूध व केमिकल्स को जब्त किया।
18 जून को हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम पुलिस ने हैदराबाद में 45 दुकानों और 8 पनीर बनाने के केंद्रों पर छापे मारकर 825 किलो नकली पनीर पकड़ा। गलत ब्रांडिंग के साथ बेचा जा रहा था। कुछ व्यापारी कम दाम वाले “चीज एनालॉग पनीर” को ज्यादा दाम वाले “मलाई पनीर” बताकर बेच रहे थे।
1 अप्रैल को हैदराबाद के मंगलहाट पुलिस थाना क्षेत्र की दो गोदामों पर H-FAST पुलिस ने छापेमारी की। 10 टन सड़ा हुआ मांस जब्त किया। पता चला कि मरे हुए बकरों को कम दाम पर खरीदकर जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से हैदराबाद लाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि इस सड़े मांस को हैदराबाद के होटलों और बिरयानी सेंटरों को सप्लाई किया जा रहा था।
4 महीने की अवधि में ही 659 मामले
बच्चों के पीने वाले दूध से लेकर रसोई में इस्तेमाल होने वाली हर चीज को मिलावट माफिया ने निशाना बनाया है। घी, तेल, चायपत्ती, मिर्च पाउडर, हल्दी, अदरक-लहसुन, पनीर, आइसक्रीम.. इस तरह रोजमर्रा की किसी भी चीज को नहीं छोड़ा जा रहा है। होटलों में मिलने वाला खाना तो ठीक है, आखिरकार दुकानों में मिलने वाले ब्रांडेड सामान को भी मिलावटी किया जा रहा है। ब्रूक बॉन्ड, रेड लेबल, जेमिनी जैसी कंपनियों की पैकिंग में नकली चायपत्ती भरकर बेचा जा रहा है। पैराशूट के नाम पर घटिया नारियल तेल, विभिन्न कंपनियों के नाम से साबुन, सर्फ और यहां तक कि लाइजॉल, हार्पिक तक को मिलावटी करके मार्केट में उतारा जा रहा है। ताजा मामले में मसाला चीजों की मिलावट का धंधा पकड़ा गया है। वहीं, H-FAST शुरू होने के 140 दिनों में ही 659 छापेमारी करके 246 टन मिलावटी स्टॉक जब्त किया गया है।
मामले दर्ज
आरोपियों के खिलाफ 202 FIR दर्ज की गई हैं। 46 पनीर, 83 घी और अदरक-लहसुन केंद्रों की जांच कर यह पाया गया कि अदरक-लहसुन पेस्ट को सफेद और गाढ़ा दिखाने के लिए पेंट में इस्तेमाल होने वाला ‘टाइटेनियम ऑक्साइड’, ‘एसीटिक एसिड’ इस्तेमाल किया जा रहा है। 32 केंद्रों से बिना छिलका उतारे और सड़े हुए अदरक-लहसुन से बना 27 टन से ज्यादा मिलावटी पेस्ट जब्त किया गया। 12 टन से ज्यादा सड़ा हुआ चिकन और बकरे का मांस के साथ-साथ होटलों को सप्लाई करने के लिए रखे गए 60 टन चिकन के कचरे को भी जब्त किया गया। केमिकल्स से फलों को कृत्रिम रूप से पकाने वाले 16 केंद्रों से 25.8 टन फल, 9.2 टन मिलावटी अचार और 3.8 टन मिलावटी चायपत्ती पुलिस ने जब्त की। यूरिया, डिटर्जेंट, पाम ऑयल सहित खतरनाक केमिकल्स से बनाए जा रहे सिंथेटिक पनीर का भंडाफोड़ भी किया गया। 1.5 टन सिंथेटिक पनीर, 2.5 टन मिलावटी दही, 3.2 टन क्रीम, घी और तेल भी जब्त किए गए।
मिलावट को ऐसे पहचानें
हैदराबाद सीपी सज्जनार ने कहा कि आमतौर पर चावल पकाने से पहले धोते हैं। लेकिन मसालों को धोने का मौका नहीं मिलता। इसी वजह से होलसेल व्यापारियों के लिए गरम मसालों में मिलावट करना आसान हो गया है। ऐसी चीजों को पहचानने के लिए.. लौंग, जीरा सहित कोई भी मसाला खरीदने पर पहले एक कांच के गिलास में पानी लेकर उसमें डालें। अगर पानी का रंग लाल या काला हो जाए तो समझें कि उसमें सिंथेटिक कलर्स और केमिकल्स मिलाए गए हैं।
मिलावट से होने वाली समस्याएं और बीमारियां
लिवर और किडनी का काम खराब होना
पेट दर्द, अल्सर जैसी पाचन संबंधी बीमारियां
विभिन्न प्रकार के कैंसर, एलर्जी, त्वचा रोग
न्यूरो समस्याएं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर
मिलावट दिखे तो Dial 100 पर कॉल करें
खाद्य पदार्थों में बेहद जानलेवा केमिकल्स इस्तेमाल किए जा रहे हैं। ये सिंथेटिक ड्रग्स की तरह इंसान के फेफड़े, लिवर, दिल, नसों सहित शरीर के अहम अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। हमें पता भी नहीं चलता और हम मौत के करीब पहुंच जाते हैं। मिलावट माफिया को रोकना सिर्फ पुलिस और अन्य संस्थाओं से संभव नहीं है। जनता का सहयोग जरूरी है। मिलावट के बारे में पता चले तो Dial 100 या H-FAST हेल्पलाइन: 8712661212 पर सूचना दें। – वी. सी. सज्जनार, सीपी, हैदराबाद (5 अगस्त तेलुगु दैनिक वेलुगु से साभार)
