हैदराबाद: महानगर में सबसे शक्तिशाली एजेंसी बन चुकी हैड्रा (The Hyderabad Disaster Response and Asset Protection Agency (HYDRAA)-HYDRAA) के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आने से हड़कंप मच गया है। पता चला है कि खुद हैड्रा कमिश्नर रंगनाथ सहित उच्च अधिकारियों के सिग्नेचर एक गिरोह द्वारा फोर्ज किया गया है। यहां तक कि 8 नामी प्राइवेट कॉलेजों ने इन्हीं फर्जी सिग्नेचर और नकली NOC के आधार पर मान्यता लेने की कोशिश की। इससे अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है।
दरअसल, ‘हैड्रा’ से किसी भी तरह की अनुमति लिए बिना कमिश्नर रंगनाथ के सिग्नेचर फोर्ज करके नकली NOC सर्टिफिकेट तैयार किए गए है। यहां ट्विस्ट यह है कि उन्हीं नकली NOC दस्तावेजों को इंटरमीडिएट शिक्षा क्षेत्र में एफिलिएशन पाने के लिए उक्त 8 प्राइवेट कॉलेजों के प्रबंधन ने इंटरमीडिएट बोर्ड को सौंपा।

इसी क्रम में NOC की जांच के दौरान पता चला कि उक्त सर्टिफिकेट पूरी तरह फेक हैं और उन पर कमिश्नर का सिग्नेचर फोर्ज किया गया है। यह बात ‘हैड्रा’ और इंटर बोर्ड अधिकारियों की जांच में सामने आई। इस पूरे मामले पर ‘हैड्रा’ तंत्र अलर्ट हो गया और कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। फोर्जरी करने वाले सभी 8 प्राइवेट कॉलेजों की मान्यता तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए हैड्रा के एडिशनल डॉयरेक्टर ने लेक पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज की है।

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फोर्जरी करने वाले कॉलेजों की सूची इस प्रकार है: हिंदवी जूनियर कॉलेज (बरकतपुरा), रेजोनेंस जूनियर कॉलेज (एसआर नगर), प्रियाम जूनियर कॉलेज (मेहदीपटनम) मदर्स गर्ल्स जूनियर कॉलेज (विद्यानगर), श्री चैतन्य जूनियर (चंद्रायणगुट्टा) न्यू एरा जूनियर कॉलेज (चिक्कडपल्ली) शाहीन जूनियर कॉलेज (शिवारामपल्ली) और वशिष्ठ जूनियर कॉलेज (तेल्लापुर)।
