नई दिल्ली: देश में हड़कं मचाने वाले कुलगाम आतंकी हमले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 2025 अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की तरह ही कुलगाम आतंकी हमला भी हुआ है। पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछकर फिर गोली मार दी थी, ठीक उसी तरह कुलगाम में भी पीड़ितों से धर्म पूछने के बाद ही उन्हें गोली मार गई।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 31 जुलाई 2026 को आतंकी हमला हुआ था। एक ईंट भट्टे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में दो मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर दीपक रात्रे (24) और भूपेंद्र भैना (28) के रूप में पुलिस ने की है। इस बीच मृतकों के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

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मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि हमले की जगह पर कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन आतंकियों ने पहले नाम, जाति और धर्म पूछा, उसके बाद ही उनके साथ काम कर रहे मजदूरों को पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर हत्या की। हमले में मरने वाले दोनों ही हिंदू थे, इसलिए मृतकों के परिजनों के आरोपों को और बल मिल गया है। पुलिस भी इसी एंगल से जांच कर रही है। यह हमला अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की भयावह यादें ताजा कर रहा है।
