हैदराबाद: बोलारम मद्रास रेजिमेंट आर्मी हथियार चोरी मामले में बेहद सनसनीखेज बातें सामने आ रही हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी हवलदार मल्लेश के पाकिस्तान के हथियार डीलरों से संबंध होने के मजबूत संदेह व्यक्त किए जा रहे हैं। आरोपी मल्लेश के सोशल मीडिया अकाउंट्स की बारीकी से जांच करने पर अधिकारियों को चौंकाने वाली बातों का पता चला है।

पुलिस ने प्राथमिक तौर पर पाया है कि मल्लेश इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान के एक हथियार डीलर को फॉलो कर रहा है। अधिकारियों द्वारा जुटाए गए सबूतों में पता चला है कि उक्त पाकिस्तान डीलर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विभिन्न प्रकार की शॉटगन, एके-47 बंदूकों से संबंधित वीडियो पोस्ट किए हैं।

इन घटनाक्रमों की पृष्ठभूमि में पुलिस को संदेह है कि क्या चोरी किए गए सैन्य हथियारों को विदेशी डीलरों या अवैध गिरोहों को बेचने के इरादे से ही चोरी की गई। पुलिस इस एंगल से जांच तेज कर दी है। पुलिस ने कहा कि मल्लेश द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर विशेष ध्यान दिया गया है और डिजिटल सबूतों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। चूंकि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए जल्द ही पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क के पीछे और कोई है या नहीं।
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DGP CV आनंद
इससे पहले मामले के पूरे विवरण का तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद ने खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी हुए बेहद खतरनाक हथियार, मैगजीन, गोलियां, बायनाक्युलर को बरामद कर लिया गया है। 31 अगस्त को हुई इस हथियार चोरी में बेल ऑफ आर्म्स इंचार्ज, एम्युनिशन सेक्शन इंचार्ज का सहयोग होना जांच में सामने आया है। पहले बेल ऑफ आर्म्स में सीधे प्रवेश की योग्यता रखने वाले 16 लोगों पर ध्यान केंद्रित करने वाले अधिकारियों ने लंबी तकनीकी जांच की। इसी क्रम में हवलदार टी.पी.एस. राव, मल्लेश उर्फ राजू का व्यवहार संदिग्ध दिखने पर उन पर नजर रखी गई।
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पूछताछ के दौरान मल्लेश ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की, फिर भी तकनीकी सबूतों के साथ पूछताछ करने और अधिकारियों द्वारा उसकी पत्नी को स्थिति समझाने पर असली सच सामने आया। पत्नी के सख्ती से पूछने पर मल्लेश ने हथियारों की चोरी कबूल कर ली।
आरोपी मल्लेश ने 28 व 29 अगस्त को शस्त्रागार के पास रेकी की, रात के समय सीसी कैमरे न होने वाले रास्तों की पहचान की। 30 अगस्त को कारगिल गेट से अंदर आकर परिस्थितियों को देखा और 31 तारीख को पक्की योजना के साथ हथियारों की चोरी की। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि आर्मी से उसे अकारण निकाले जाने के गुस्से में ही मल्लेश ने यह कदम उठाया। हथियारों की चोरी के बाद पहले एक जगह दफनाकर, फिर दूसरी जगह क्यों ले गया।
DGP CV आनंद ने खास तौर पर मिलिट्री अधिकारियों, हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर सज्जनार और जांच टीमों की इस खतरनाक हथियार चोरी पर जल्दी कार्रवाई करने के लिए तारीफ़ की और सभी को बधाई दी। यह मामला देश की अंदरूनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनने का खतरा है।
