ग्लास्गो/हैदराबाद : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बॉक्सिंग रिंग में भारत ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 1930 में कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने के बाद से यानी पिछले 96 साल के कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में किसी भी देश ने बॉक्सिंग में एक ही संस्करण में 7 स्वर्ण पदक नहीं जीते थे। भारतीय बॉक्सिंग टीम ने ऐसा करके ऑल-टाइम वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। 1 अगस्त को SEC सेंटर में हुए फाइनल्स के रण में फाइनल तक पहुंचे 10 भारतीय बॉक्सरों में से 7 ने स्वर्ण और 3 ने रजत पदक जीते। 10 मेडल के साथ भारतीय टीम ने कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग के इतिहास को ही बदल दिया।
40 साल पुराना कनाडा व इंग्लैंड का रिकॉर्ड टूटा:
कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 साल के इतिहास में बॉक्सिंग सबसे अहम खेलों में से एक रही है। पहले 1986 में कनाडा (6 गोल्ड मेडल) और फिर 2018 में इंग्लैंड (6 गोल्ड मेडल) के रिकॉर्ड सबसे बेहतरीन थे। ग्लास्गो 2026 में भारत ने 7 गोल्ड मेडल के साथ उस 40 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर इतिहास की सबसे सफल बॉक्सिंग टीम बन गई।

भारत ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े:
स्वर्ण 3 गुना बढ़े: पहले 2010 (नई दिल्ली), 2018 (गोल्ड कोस्ट) और 2022 (बर्मिंघम) कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का बेस्ट प्रदर्शन 3-3 स्वर्ण पदक था। इस बार भारत ने सीधे 7 स्वर्ण जीतकर अपने पुराने रिकॉर्ड को लगभग तीन गुना कर दिया।
यह भी पढ़ें-
कुल पदकों का रिकॉर्ड बराबर: कुल 10 पदकों के साथ (7 गोल्ड, 3 सिल्वर) भारत ने कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग इतिहास में एक ही संस्करण में सबसे ज्यादा मेडल जीतने का 1986 के कनाडा और इंग्लैंड का ऑल-टाइम रिकॉर्ड भी बराबर कर दिया।
