अर्नब तूफान की वजह से तबाही.. सात लोगों की मौत, सीएम चंद्रबाबू ने जताया दुख और दिया मदद का आश्वासन

हैदराबाद : आंध्र प्रदेश राज्य में ‘अर्नब’ तूफान ने भारी विनाश किया। इस तूफान की चपेट में विभिन्न जिलों में अलग-अलग हादसे में सात लोग असमय मौत के शिकार हुए। तेज हवाओं और बारिश के कारण विशाखापत्तनम जिले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अनकापल्ली जिले में तूफान की गंभीरता से एक व्यक्ति की मौत हुई। इसी तरह पश्चिम गोदावरी जिले में दो और डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले में दो लोगों की मौत हो गई।

बुरी तरह कांपा तटीय इलाका

तूफान की गंभीरता के कारण राज्य का तटीय इलाका बुरी तरह कांप उठा। घंटे में भारी रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरना, बिजली के खंभे टूटकर गिरना और घरों की छतें उड़ जाने से कई जगह आवाजाही ठप हो गई। जलमग्न इलाकों में आम लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तटीय जिलों में बिजली आपूर्ति में भारी बाधा के साथ कई रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। इन अचानक हालात से गरीब परिवार, रोजाना मजदूरी करने वाले मजदूर अपने घर और संपत्ति खोकर भारी परेशानियों में पड़ गए।

राहत कार्य तेज

इस प्रकार अचानक हानि पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला प्रशासन तुरंत सतर्क होकर राहत कार्यों को तेज कर दिया है। पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद देने के लिए पुनर्वास केंद्र बनाये और लोगों को सुरक्षित इलाकों में ले गये है। अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि तूफान का खतरा अभी पूरी तरह खत्म न होने से लोगों को बेवजह बाहर नहीं निकलना चाहिए और आपात स्थिति में ही राहत दलों से संपर्क करना चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग ने सुझाव दिया है कि खतरनाक हालात कम होने तक तटीय इलाके के निवासी सतर्क रहें।

यह भी पढ़ें-

हम उन्हें बचा नहीं सके: चंद्रबाबू का दुख

सीएम नारा चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताते हुए कहा, “चीफ सेक्रेटरी से लेकर गांव लेवल के ऑफिसर तक, हर कोई साइक्लोन रिलीफ एक्टिविटी में लगा हुआ है। हम रिहैबिलिटेशन कैंप लगाएंगे और पीड़ितों को मुआवजा और रिहैबिलिटेशन देंगे। हमने उन गरीबों की मदद करने के मकसद से काम किया है जिन्होंने अपनी जान गंवाई है और उनकी मदद की है। मैंने कई साइक्लोन देखे हैं। दिविसीमा से लेकर हरिकेन, हुदूद, तितली और अब अर्नब। पहले भी साइक्लोन की वजह से हजारों लोग मारे गए। उस समय, आपदाओं से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी की कमी के कारण, हम ठीक से तैयार नहीं थे। हरिकेन के दौरान, 230 km की स्पीड से हवाएं चलीं। उस समय, हमने जान के नुकसान को हजारों तक कम कर दिया। अब, बहुत कोशिशों के बावजूद इन लोगों की मौत हो गई है। हम मृतक परिजनों को हर संभव मदद करेंगे”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

Archives

Categories

Meta

'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Close Welcome Bar