हैदराबाद : आंध्र प्रदेश में अर्नब तूफान के असर और उससे हुए नुकसान पर राज्य सरकार ने ध्यान दिया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। फिर भी कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है। दूसरी ओर प्रभावित इलाकों में नुकसान का आंकलन, राहत कार्य, पीड़ितों को मुआवजा देने के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में एपी कैबिनेट की आपात बैठक होने वाली है।
तूफान की गतिविधियों पर डॉप्लर मौसम रडार से अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। चेतावनी जारी की गई हैं कि तूफान कमजोर हो रहा है फिर भी उसके असर से बारिश और तेज हवाएं जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग अधिकारियों ने बताया कि तूफान के असर से गुरुवार को श्रीकाकुलम, पार्वतीपुरम मान्यम, विजयनगरम जिलों में कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। घंटे में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का खतरा है।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अहम चेतावनी जारी की हैं कि भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड्स) आने की संभावना होने से निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहना चाहिए। लोग आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें। जरूरत हो तो सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए तैयार रहें। अर्नब तूफान के असर, राज्यभर में हुए नुकसान, राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए गुरुवार सुबह 10.30 बजे अमरावती सचिवालय में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में एपी कैबिनेट बैठक वर्चुअली आयोजित की जाएगी।
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इस मंत्रिमंडल बैठक में प्रभावित जिलों से मिली शुरुआती रिपोर्टों की जांच होने की संभावना है। क्षतिग्रस्त घरों, कृषि फसलों, पशुधन, मत्स्य संपदा, छोटे कारोबारों को हुए नुकसान का आंकलन, पीड़ितों को तत्काल मदद देना जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाएं, बिजली, सड़कों समेत जरूरी सेवाओं की बहाली पर भी इस कैबिनेट बैठक में समीक्षा होगी।
दूसरी ओर तूफान प्रभावित इलाकों में गुरुवार को सीएम चंद्रबाबू खुद दौरा करके हालात की जांच करेंगे। जमीनी स्तर पर नुकसान का आंकलन करके राहत कार्यों को तेज करने पर सरकार ध्यान देगी। सीएम चंद्रबाबू ने घोषणा की है कि तूफान के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 – 5 लाख रुपये मुआवजा देंगे। क्षतिग्रस्त घरों को 10 हजार रुपये, नुकसान झेलने वाली किराना दुकानों और रेस्टोरेंट को 25 हजार रुपये प्रति दुकान मदद देने के प्रस्ताव भी है। तूफान प्रभावित परिवारों को रोजमर्रा का सामान मुफ्त बांटा जाएगा।
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए फसल वार सरकार ने मुआवजा घोषित किया। कपास, गेहूं व गन्ना फसलों को एकड़ पर 25 हजार रुपये.. धान को एकड़ पर 20 हजार रुपये दिया जाएगा। ज्वार, उड़द, मूंग, मक्का, रागी, चना, सोयाबीन, सूरजमुखी जैसी फसलों को एकड़ पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मदद घोषित की गई। केला, हल्दी, आम, काजू, कॉफी, ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों को एकड़ पर 35 हजार रुपये। सब्जियां, पपीता, टमाटर, अनानास जैसी फसलों को एकड़ पर 25 हजार रुपये मदद दी जाएगी। पान के बागों को एकड़ पर 75 हजार रुपये मुआवजा.. क्षतिग्रस्त नारियल, ऑयल पाम पेड़ों को प्रति पेड़ 15 हजार रुपये मदद घोषित की गई।
सीएम चंद्रबाबू ने बताया कि अर्नब तूफान से आंध्र प्रदेश में हुए नुकसान पर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजकर.. केंद्रीय विशेष टीम को राज्य में भेजने की अपील करेंगे । फसलें, पशु व मत्स्य संपदा के साथ अन्य क्षेत्रों में नुकसान झेलने वाले पीड़ितों को नियमों के अनुसार मुआवजा देने पर राज्य सरकार ध्यान देगी। तूफान कमजोर हो रहा है फिर भी प्रभावित इलाकों में राहत कार्य, नुकसान का आंकलन, लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है। सुझाव दिया गया कि बारिश व तेज हवाओं पर ताजा चेतावनियों पर ध्यान देते हुए लोग सतर्क रहें।
