एकनाथ शिंदे बने महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री, फडणवीस डिप्टी CM, शरद पवार को नहीं थी कल्पना, PM मोदी ने दी बधाई

हैदराबाद: महाराष्‍ट्र में लगभग एक सप्ताह से चला आ रहा राजनीतिक संकट का हल उलटफेर के बीच निकल गया है। हाई ड्रामें के बीच शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्‍ट्र के उप मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली। एकनाथ शिंदे ने शपथ लेने की शुरुआत बालासाहेब ठाकरे के जयकारे से की। वहीं शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजभवन में ‘भारत माता जय, फडणवीस तुम आगे बढ़ो हम तुम्‍हारे साथ हैं’ के नारे लगाये गये।

पहले तो खबरें आई कि देवेँद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मगर अचानक एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी। वहीं शरद पवार ने कहा कि शिंदे के सीएम बनने की कल्पना नहीं की थी। महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद शरद पवार की यह पहली प्रतिक्रिया है।

शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री को तौर पर शपथ ले ली है। विधानसभा भवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। वहीं पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम की शपथ ली है। फडणवीस ने ही सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे के नाम का ऐलान किया था और खुद इस सरकार से बाहर रहने की बात कही थी। लेकिन आखिरी समय में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कहने पर फडणवीस ने डिप्टी सीएम का पद स्वीकार कर लिया। इसी के साथ महाराष्ट्र की सियासत में 21 जून को उठा भूचाल अब थमता हुआ दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि इसके पहले देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाए जाने का ऐलान किया था। उनके इस ऐलान के बाद सभी सियासी दल चौंक गए। इसके पहले सियासी गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शिवसेना के बागी विधायक बीजेपी को समर्थन देकर सरकार बनाएंगे और देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बनेंगे।

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया गया। इस दौरान शिवसेना और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहें। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की कैबिनेट का गठन किया जाएगा। पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल मची हुई थी। शिवसेना दो गुटों में विभाजिद हो गई थी। शिवसेना के दो तिहाई से ज्यादा विधायक बागी हो गए और पहले वो सूरत और फिर बाद में गुवाहाटी गए। हालांकि बाद में उद्धव ठाकरे ने विधायकों से वापस आने की भावुक अपील भी की थी।

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