GST: शवदाहगृह बनाना, होटल में ठहरना, अस्पताल में भर्ती होना और… महंगा

हैदराबाद: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक कल ही खत्म हुई है। बैठक के बाद सीतारमण ने संवाददाताओं को बताया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की यहां दो दिन की बैठक में विभिन्न समूहों के दरों को युक्तिसंगत बनाने के बारे में दिये गये सुझावों को स्वीकार कर लिया गया। इससे कर की दरों में बदलाव हुए हैं। कर दर में बदलाव 18 जुलाई से प्रभाव में आएंगे।

वित्त मंत्री ने बताया कि परिषद ने कसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और घुड़दौड़ पर रिपोर्ट को मंत्री समूह (जीओएम) के पास फिर विचार के लिए भेज दिया है। गोवा के वित्त मंत्री कसीनो पर जीएसटी दर के बारे में और चर्चा चाहते हैं। ऐसे में ‘ऑनलाइन गेमिंग’ और घुड़दौड़ पर भी फिर से विचार किया जाएगा। मंत्री समूह ने तीनों पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने की सिफारिश की थी। इस बारे में रिपोर्ट 15 जुलाई तक तैयार हो जाने की उम्मीद है और आगामी अगस्त में परिषद की अगली बैठक में इसपर विचार किया जाएगा।

जीएसटी पर मिलने वाली छूट समाप्त करने का मतलब है कि डिब्बा या पैकेट बंद और लेबल युक्त मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। अभी तक इन्हें छूट मिली हुई थी। इसी प्रकार, टेट्रा पैक और बैंक की तरफ से चेक जारी करने की सेवा पर 18 फीसदी और एटलस समेत नक्शे तथा चार्ट पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। हालांकि, खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी।

अब तक वैसे बजट होटल, जिसके कमरे का हर रोज का किराया 1,000 रुपये तक था, उस पर कोई जीएसटी नहीं लगता था। लेकिन अब 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 फीसदी की दर से कर लगाने की बात कही गयी है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिये 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले कमरों पर पांच फीसदी जीएसटी लगेगा।

बैठक में ‘प्रिंटिंग/ड्राइंग इंक’, धारदार चाकू, कागज काटने वाला चाकू और ‘पेंसिल शार्पनर’, एलईडी लैंप, ड्राइंग और मार्किंग करने वाले प्रोडक्ट्स पर भी जीएसटी की दर बढ़ाने का फैसला हुआ। अब इन पर कर की दरें बढ़ाकर 18 फीसदी कर दी गयी हैं। वहीं, सौर वॉटर हीटर पर अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा जबकि पहले 5 फीसदी कर लगता था।

अब सड़क, पुल, रेलवे, मेट्रो, अपशिष्ट शोधन संयंत्र और शवदाहगृह का काम करवाना भी महंगा पड़ेगा। अभी तक ऐसे कार्यों के लिये जारी होने वाले कार्य अनुबंधों पर 12 फीसदी का जीएसटी लगता था। अब इसे बढ़ा कर 18 फीसदी किया जा रहा है। हालांकि, रोपवे के जरिये वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन तथा अवशिष्ट निकासी सर्जरी से जुड़े उपकरणों पर कर की दर घटाकर पांच प्रतिशत की गई है। पहले यह 12 फीसदी था। ट्रक, वस्तुओं की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों जिसमें ईंधन की लागत शामिल है। पर अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा जो अभी 18 फीसदी है। (एजेंसियां)

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