बेंगलुरु/हैदराबाद: अभिनेता प्रकाश राज हाल ही में लगातार खबरों में बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निवास वाले इलाके बेंगलुरु की मतदाता सूची से उनका नाम गायब कर दिया गया है। ‘अपने ही जन्म और पालन-पोषण वाले शहर में मेरा वोट गायब कर दिया है। ये बहुत बड़ा मजाक है’ कहते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया। इस पर चुनाव अधिकारियों ने उन्हें कड़ा जवाब दिया। अधिकारियों ने कहा कि प्रकाश राज का वोट किसी एकतरफा फैसले से नहीं हटाया गया। Special Intensive Revision (SIR) के तहत नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की गई है।

‘Permanently Shifted’
बूथ लेवल अधिकारियों ने पाया कि प्रकाश राज का वोटर पंजीकृत किये गये शांतिनगर अपार्टमेंट में पिछले 4 साल से वे नहीं रह रहे हैं। बीबीएमपी अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने के बाद अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। तब उन्होंने खुद माना कि उन्होंने वो घर खाली कर दिया है और उसी इलाके में दूसरे पते पर शिफ्ट हो गए हैं। इसी वजह से पुराने पते पर उनकी वोटर स्थिति को ‘Permanently Shifted’ के रूप में चिह्नित किया गया।
फिर से पंजीकृत कराएं
इसी मुद्दे पर प्रकाश राज ने इसे दूसरे नजरिए से उठाया। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि उनके साथ-साथ 65 लाख मतदाताओं के नाम भी हटा दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे। लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि नए पते के साथ Form-6 जमा करने पर वे फिर से वोटर के रूप में रजिस्टर हो सकते हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नए वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए Form-6 उपलब्ध है।
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अधिकारियों की चेतावनी
कर्नाटक में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को अनुपलब्ध, स्थानांतरण, ट्रेस न होना, डुप्लिकेट जैसी कैटेगरी में पाया गया। रिपोर्टें सामने आई हैं कि राज्य भर में करीब 84.3 लाख लोग इस सूची में हैं। इसी वजह से प्रकाश राज का विवाद अब ‘क्या वोट हटा दिया गया?’ वाले सवाल से हटकर ‘पता बदलने पर वोट कैसे अपडेट करें?’ वाली चर्चा की तरफ मुड़ गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि गलत आरोप लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
