हैदराबाद: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में एक व्यक्ति का चेहरे पर मास्क लगाकर प्रमुख की तरह व्यवहार करना और उस परिवार के एक छोटे बच्चे के शव को उठाना अब चर्चा का विषय बन गया है। बेसबॉल कैप और चेहरे पर काला नकाब पहने उस व्यक्ति की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही हैं।

चेहरे पर मास्क लगाकर आए उस व्यक्ति के अली खामेनेई के बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई होने की चर्चा तेज है। कई लोगों का मानना है कि वह पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जानबूझकर गुप्त रूप से आए होंगे।

हालांकि, ईरान की एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्था ने बताया कि नकाब पहने वह व्यक्ति अयातुल्ला अली खामेनेई का सबसे बड़ा पोता (बड़े बेटे मुस्तफा का बेटा) मोहम्मद जावेद खामेनेई है। उसने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका के हमले में जावेद का शरीर जल गया था, इसलिए उसने इस तरह मास्क पहना है। लेकिन इस अटकल पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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वहीं, सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कहा पिता की मौत का बदला जरूर लिया जाएगा । उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वह अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेंगे। चेतावनी भी दी कि पिता के मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़े परिणाम भुगतने होंगे। यह पूरे देश की मांग है। ऐसा एक संदेश सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

गौरतलब है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में 4.50 करोड़ लोग शामिल हुए। कहा जा रहा है कि अब तक दुनिया में किसी के भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल नहीं हुए। मीडिया में जो तस्वीर दिखाई गई, उससे लगता है कि लोगों को पैर रखने के लिए जमीन कम पड़ गई। साथ ही इनके हाथों में एक ईरान का ध्वज और दूसरा ट्रंप तथा नेत्यनाहू को मार डालो के नारे लिखे हुए थे। वहीं, सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाई है।
