हैदराबाद: आदिवासी अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से इस महीने की 8 तारीख को ‘मन्यम बंद’ करने का आह्वान आंध्र प्रदेश आदिवासी संगठनों ने किया है। आदिवासी क्षेत्रों में अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को तुरंत हल करने की मांग उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से की है।

एजेंसी क्षेत्रों में होने वाली नौकरियों की भर्तियों में आदिवासियों को 100 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए पहले जारी GO No.03 को तुरंत बहाल करने की मांग आदिवासी संगठनों ने की है। साथ ही 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी आबादी वाले गांवों को तुरंत संविधान की 5वीं अनुसूची के दायरे में यानी एजेंसी क्षेत्रों में शामिल करने की भी मांग की।

नेताओं ने मांग की है कि इसी तरह 9 अगस्त को होने वाले विश्व आदिवासी दिवस के दिन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायुडू को इन दोनों प्रमुख मांगों पर स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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इसी क्रम में आदिवासी संगठनों के बंद के आह्वान से मन्यम, अल्लूरी सीताराम राजू और पोलावरम जिलों में बंद का असर काफी ज्यादा रहने की संभावना है। आदिवासी संगठनों के नेताओं ने व्यापार, वाणिज्य और परिवहन संस्थाओं से इस बंद में सहयोग करने की अपील की है।
