हैदराबाद: सिकंदराबाद उज्जयिनी महाकाली बोनालु उत्सव धूमधाम से मनाया गया। दूसरे दिन के कार्यक्रम के तहत ‘रंगम’ (भविष्यवाणी) का आयोजन किया गया। ठीक सुबह 9.55 बजे मातंगी स्वर्णलता, जिन पर माता का आवेश था, हरे मटके पर खड़ी होकर भविष्यवाणी सुनवाई।
मंदिर के मुख्य पुजारी ने मातंगी से पूछा, “क्या आप उज्जयिनी महाकाली बोनालु उत्सवों से संतुष्ट हैं?” इस पर मातंगी स्वर्णलता कुछ देर चुप रहीं। पुजारी ने फिर कहा कि करोड़ों तेलंगाना निवासी आपके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। तब मातंगी स्वर्णलता ने कहा, “मैं उत्सवों से खुश होकर नहीं आई हूं रे बालक, गुस्से में आई हूं। तुम जो सवाल पूछ रहे हो उसका जवाब क्यों दूं? हर साल तुम पूजा कर रहे हो, फिर भी मैं असंतुष्ट ही रह जाती हूं! कोई भी खतरा आए तो मैं अपने बच्चों की रक्षा करती आ रही हूं। तुम लोग कहते हो कि मेरी मूर्ति की प्रतिष्ठा करोगे, लेकिन जो मैंने कहा उसे तुम मान नहीं रहे।”

इस पर मुख्य पुजारी ने कहा, “ऐसा नहीं है मां, सुविधा नहीं मिल पा रही है।” इस पर मातंगी स्वर्णलता ने चेतावनी दी, “मूर्ति प्रतिष्ठा में अगर कोई रुकावट डालेगा तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी।” इसके बाद बारिश और आपदाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “इस साल बारिश मूसलाधार होगी, लोग बह जाएंगे। आग लगने की घटनाएं भी होंगी। सभी लोग सावधान रहो रे बालक।”
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मातंगी स्वर्णलता ने आगे कहा, “लोग बिना लिहाज के व्यवहार कर रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों को आवारा छोड़ दे रहे हैं। मुझ पर अहंकार बढ़ गया है। इस साल उत्सवों से निराश किया है। फिर भी मैं तुम्हारी रक्षा करती रहूंगी।” कहते हुए उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने कहा, “भक्तों को झोली भरकर दे रही हैं, लेकिन मुझे एक रत्ती भी नहीं देते हैं। अगले 6 महीनों में अगर माता की मूर्ति प्रतिष्ठा नहीं हुई तो भारी जनहानि होगी। तब मेरा उग्र रूप देखाई देगा।”
