हैदराबाद: देशभर के व्हाट्सऐप यूजर्स को ऐप खोलते ही अपनी उम्र और जन्मतिथि वेरिफाई करने का नया प्रॉम्प्ट दिखाई दे रहा है। लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप अचानक से यूजर्स की उम्र क्यों मांग रहा है, इसको लेकर लोग हैरान हैं। लेकिन इसके पीछे केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए नियम-कानून हैं।
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) के नियमों का पालन करने के लिए मेटा कंपनी ने यह कदम उठाया है। इस कानून के अनुसार सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों का डेटा इकट्ठा करने और उन्हें टार्गेट करके विज्ञापन देने पर पाबंदी है।
डीपी कानून के नियमों के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के बच्चे व्हाट्सऐप और अन्य मेटा प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उनके माता-पिता या अभिभावक की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यूजर्स की उम्र साफ-साफ पता होने पर ही नाबालिगों की पहचान करके उनके लिए सुरक्षा और प्राइवेसी फीचर्स लागू किए जा सकेंगे।
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हालांकि, बहुत से यूजर्स अपनी जन्मतिथि व्हाट्सऐप के साथ शेयर करने में थोड़ा हिचकिचा रहे हैं। इस पर मेटा ने साफ किया है कि उम्र की जानकारी सिर्फ कानूनी नियमों के लिए मांगी जा रही है। यूजर्स की उम्र की पुष्टि करके उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटने के लिए ही इसका इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की वजह से यूजर्स के निजी मैसेज की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।
