हैदराबाद: पाकिस्तान से अलग होने की घोषणा के बाद बलूचिस्तान ने एक और बड़ा ऐलान किया है। उसने 11 अगस्त को बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के रूप में आधिकारिक तौर पर घोषित किया है। साथ ही कहा कि अब से उनका देश एक स्वतंत्र देश है और इसका नाम ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ है। इसी क्रम में उसने दुनिया भर में रहने वाले सभी बलूच लोगों से 11 अगस्त को धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाने की अपील की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उन्हें एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के रूप में मान्यता देने की मांग की है।
बलूच मुक्ति आंदोलन के नेता मीर यार बलूच ने सोमवार को जारी इस बयान में अहम टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि हर बलूच परिवार को अपने घर, व्यापारिक संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्र बलूचिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए। इस ऐतिहासिक दिन का महत्व आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।

गौरतलब है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के अनुसार 11 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन खत्म होने के समय बलूचिस्तान ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी। उस समय के अंतरराष्ट्रीय मीडिया और ऑल इंडिया रेडियो ने भी उस घोषणा को प्रकाशित और प्रसारित किया था। इसलिए हर साल 11 अगस्त को ही अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा।
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बयान में मीर यार बलूच ने पाकिस्तान की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दा, 1948 में बलूचिस्तान पर सैन्य कार्रवाई, 1971 में पूर्वी पाकिस्तान का विभाजन, सोवियत-अफगान युद्ध, चगाई परमाणु परीक्षण और 9/11 के बाद के घटनाक्रम जैसी कई घटनाओं के लिए पाकिस्तान की नीतियां ही जिम्मेदार हैं। इन घटनाओं की वजह से दक्षिण एशिया के साथ-साथ पूरी दुनिया में अस्थिरता पैदा हुई।
रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने कहा कि जब तक पाकिस्तान इसी तरह बना रहेगा, तब तक दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और विकास संभव नहीं है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनके स्वतंत्रता को मान्यता देकर समर्थन दे। उन्होंने कहा कि उनके साथ 6 करोड़ बलूच लोग हैं और वे एक स्वतंत्र देश हैं।
