हैदराबाद: तमिलनाडु (Tamil Nadu) में सरकार बनाने को लेकर अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है। तमिलागा वेट्ट्री कज़गम (Tamilaga Vettri Kazhagam) पार्टी के अध्यक्ष विजय भले ही राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (Rajendra Vishwanath Arlekar) से दो बार मिल चुके हैं। हालांकि उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। इसके साथ ही विजय छोटी पार्टियों का समर्थन जुटाने के लिए बातचीत करने में लगे हुए हैं।
इसी क्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा किया कि अगर वह संख्या बल पर संतुष्ट नहीं हुए तो सरकार बनाने की इजाज़त नहीं देंगे। उन्होंने साफ किया कि वह टीवीके (TVK) को मौका तभी देंगे जब बहुमत पर स्थिति साफ हो जाएगी। साथ ही राज्यपाल ने कहा कि यह सिर्फ विजय कीव्यक्तिगत समस्या है और इसका तमिलनाडु की जनता से कोई लेना-देना नहीं है।
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दूसरी ओर विजय ने कहा कि अगर डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) तमिलनाडु में सरकार बनाते हैं तो पार्टी के सभी 107 विधायक इस्तीफा दे देंगे। तमिलनाडु की राजनीति में समीकरण की प्रक्रिया जोरों से जारी है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि एआईएडीएमके और डीएमके मिलकर सरकार बना सकते हैं।
