हैदराबाद : फिल्म इंडस्ट्री में गहरे शोक की लहर है। मशहूर सीनियर अभिनेत्री और पद्मश्री पुरस्कार विजेता ‘शावुकारू’ जानकी (94) ने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उम्र बढ़ने के साथ पिछले कुछ समय से गंभीर सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रही उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म जगत गहरे शोक में डूब गया है। जानकी के निधन पर फिल्मी हस्तियों ने गहरा दुख जताया है।

जानकी का जन्म 21 दिसंबर 1931 को आंध्र प्रदेश के राजमंड्री में हुआ था। पहले उन्होंने रेडियो आर्टिस्ट के तौर पर अपना सफर शुरू किया था। 1950 में निर्देशक एल. वी. प्रसाद द्वारा निर्देशित क्लासिक हिट फिल्म ‘शावुकारू’ से सिनेमा में एंट्री की। पहली ही फिल्म में शानदार अभिनय दिखाकर खास पहचान बनाई और अपने नाम के साथ ‘शावुकारू’ जानकी के तौर पर हमेशा के लिए स्थापित हो गईं।

तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में लगभग 450 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर सबका दिल जीत लिया। एनटीआर, एएनआर, शिवाजी गणेशन, एमजीआर, राजकुमार जैसे महान अभिनेताओं के साथ हीरोइन के तौर पर नजर आईं। सिर्फ हीरोइन के तौर पर ही नहीं बल्कि कैरेक्टर आर्टिस्ट, कॉमेडियन और अलग-अलग किरदारों में अभिनय कर प्रभावित किया। ‘देवदासु’, ‘कन्याशुल्कम’, ‘मंचि मनसुलु’, ‘संसारम’ जैसी कई यादगार फिल्में उनके अभिनय के विस्तार का प्रमाण हैं।
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फिल्म जगत में उनके विशेष योगदान के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें 2022 में ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित किया, साथ ही कई राज्य सरकार के पुरस्कार, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी उन्हें मिले। जानकी के पति का नाम दिवंगत शंकरमंची श्रीनिवास राव है। उनके तीन बच्चे हैं- यज्ञ प्रभा कोटी, वेंकटरमण शंकरमंची, सची राव। चार पोतियां और चार परपोतियां हैं।
उनके निधन पर फिल्मी और राजनीतिक जगत की कई हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। एक मातृमूर्ति के रूप में, एक दिग्गज अभिनेत्री के रूप में भारतीय सिनेमा पर उनकी छाप हमेशा अमिट रहेगी।
