हैदराबाद: तेलंगाना में सरकारी शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए रेवंत रेड्डी सरकार ने अहम कदम उठाया है। सीएम अपने ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले ‘तेलंगाना पब्लिक स्कूल’ का बुधवार को रंगारेड्डी जिले के आरुटला में भव्य उद्घाटन हुआ। कॉरपोरेट स्कूलों की टक्कर देने वाली और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ बने इस स्कूल का 17 जून को सुबह 9:30 बजे सीएम ने उद्घाटन किया। सरकारी शिक्षा में नए ‘गेम चेंजर’ के रूप में उभरने वाले इस स्कूल के जरिए गरीब छात्रों तक हाईटेक पढ़ाई पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। इसी उद्देश्य से अब शिक्षा क्रांति की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने स्कूल में डिजिटल क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल का निरीक्षण किया। शिक्षा सुविधाओं को लेकर छात्रों, शिक्षकों और स्कूल कमेटी के सदस्यों से बात की। छात्रों के साथ मिलकर ब्रेकफास्ट किया। इसके बाद वहां आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। शिक्षा आयोग के चेयरमैन आकुनूरी मुरली के नेतृत्व वाली टीम की विशेष निगरानी में आरुटला टीपीएस को तैयार किया गया है। यहां पर नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक एक ही कैंपस में पढ़ाई होगी। स्कूल में हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध की गई हैं। हवा, रोशनी वाले विशाल कमरे, डिजिटल बोर्ड, अत्याधुनिक लैब, जिम जैसी सुविधाएं हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, टेनिस, कबड्डी जैसे खेलों के लिए विशेष कोच नियुक्त किए गए हैं। छात्रों के लिए सुबह नाश्ता, दोपहर का भोजन और शाम को स्नैक्स दिए जाएंगे।
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सरकार ने घर से स्कूल आने के लिए 5 विशेष बसों की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि कभी सरकारी स्कूलों से कतराने वाले अभिभावक अब टीपीएस में सीट के लिए होड़ कर रहे हैं। फिलहाल आरुटला स्कूल में 1,814 छात्र हैं। इनमें प्री-प्राइमरी में 150, प्राइमरी में 600, हाईस्कूल में 800 और इंटरमीडिएट में 264 छात्र पढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि प्राइवेट स्कूलों से छात्रों के आने से ‘नो एडमिशन’ बोर्ड लगाना पड़ है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आरुटला, मंचाला, वंगूर, पोल्कमपल्ली में टीपीसी शुरू किया जाएगा। जबकि जल्द ही पूरे राज्य में 100 टीपीएस स्कूल स्थापित करने का सरकार ने लक्ष्य रखा है।
