स्कूली छात्रो में वैज्ञानिक जिज्ञासा और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए SHINE-2026 का भव्य आयोजन, डॉ. भारती कुलकर्णी ने दिया यह संदेश

हैदराबाद : आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN), हैदराबाद द्वारा विज्ञान एवं स्वास्थ्य नवाचार – भावी पीढ़ी के अन्वेषकों के लिए (Science & Health Innovation for Nextgen Explorers (SHINE)- 2026 का आयोजन 11 एवं 12 अगस्त 2026 को किया गया। यह दो दिवसीय जनसंपर्क एवं जागरूकता कार्यक्रम स्कूली बच्चों को विज्ञान, पोषण और जनस्वास्थ्य की रोचक एवं ज्ञानवर्धक दुनिया से परिचित कराने के लिए था।

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. भारती कुलकर्णी, निदेशक, आईसीएमआर-एनआईएन द्वारा वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों की उपस्थिति में किया गया। आईसीएमआर-एनआईएन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 19 विद्यालयों के लगभग 1700 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशेष रूप से प्रतिभागी विद्यार्थियों में अधिकतर विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों से हैं, जो वंचित समुदायों तथा हैदराबाद के बाहरी क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों से आते हैं। इस पहल के माध्यम से इन विद्यार्थियों को एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पोषण अनुसंधान संस्थान का भ्रमण करने तथा प्रत्यक्ष संवाद, प्रदर्शनियों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को समझने का अवसर मिला।

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इसके अतिरिक्त, 400 स्कूली बच्चों ने आईसीएमआर-एनआईएन से संबद्ध मॉडल रूरल हेल्थ रिसर्च यूनिट्स (MRHRUs) जनमपेट, महबूबनगर, तेलंगाना तथा चंद्रगिरि, आंध्र प्रदेश में आयोजित SHINE गतिविधियों में भाग लिया। इस प्रकार कार्यक्रम की वैज्ञानिक पहुंच हैदराबाद स्थित संस्थान के परिसर से आगे बढ़कर ग्रामीण एवं स्थानीय समुदायों तक भी पहुंची। SHINE आईसीएमआर की एक पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना, नवाचार की भावना विकसित करना तथा स्वास्थ्य, पोषण एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। व्यावहारिक प्रदर्शनों एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर प्रदान करता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़ी वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान में किस प्रकार योगदान देता है।

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उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. भारती कुलकर्णी (निदेशक, आईसीएमआर-एनआईएन) ने बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही विज्ञान एवं अनुसंधान से परिचित कराने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि SHINE जैसे संवादात्मक कार्यक्रम बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में साक्ष्य-आधारित सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, नए विचारों का अन्वेषण करने तथा सामाजिक चुनौतियों के समाधान खोजने के माध्यम के रूप में विज्ञान को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. सुब्बाराव एम. गवरवरपु, वैज्ञानिक ‘जी’, विभागाध्यक्ष एवं SHINE कार्यक्रम के संयोजक ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की संवादात्मक प्रदर्शनियां, वैज्ञानिक प्रदर्शन एवं व्यावहारिक गतिविधियां शामिल हैं, जिन्हें युवा विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को रोचक, सरल एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में पोषण संबंधी खेल, आहार सर्वेक्षण, खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के लिए घरेलू तकनीकों का प्रदर्शन, कार्य शरीर क्रिया विज्ञान (Work Physiology) प्रदर्शन, मासिक धर्म जागरूकता, एनीमिया की जांच, मोबाइल प्रयोगशाला तथा खाद्य रसायन विज्ञान संबंधी विश्लेषण शामिल हैं।

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कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। SHINE- 2026 विज्ञान, स्वास्थ्य, पोषण एवं व्यावहारिक शिक्षण को एक साथ जोड़कर युवा विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति, वैज्ञानिक प्रमाणों की समझ तथा समुदायों के स्वास्थ्य एवं कल्याण में अनुसंधान की भूमिका के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास कर रहा है। SHINE के माध्यम से आईसीएमआर-एनआईएन समाज के विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक वर्गों से आने वाले बच्चों तक विज्ञान को सुलभ बनाने, भावी पीढ़ी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा वैज्ञानिक संस्थानों, विद्यालयों और समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

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