तेहरान : ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतोल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान के प्रतिनिधियों ने ट्रंप और नेतन्याहू को जान से मारने के नारे से गूंज उठा ईरान। तेहरान में हुए खामेनेई के अंतिम संस्कार सभा में एक ईरानी लेखक ने लोगों को संबोधित करते हुए गुस्से में भाषण दिया। लेखक कहा, “मेरे इमाम को मारने वाले ट्रंप और नेतन्याहू को हमें क्यों नही जान से मारना चाहिए?” साथ ही कहा, “वे नीच लोग अभी तक क्यों जिंदा हैं।” वहां मौजूद लोगों ने उसके समर्थन में बड़े पैमाने पर नारे लगाए। साथ ही उन दोनों को मारने के लिए भी बड़े पैमाने पर नारे लगाए गए।

इस अंतिम संस्कार सभा पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने विवादास्पद बयान दिया, “ईरान के सभी बड़े नेता एक ही जगह जमा हुए हैं। अगर अमेरिका चाहे तो एक ही झटके में उन सभी को उड़ा सकता है”। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल कूटनीतिक बातचीत चल रही है। इसलिए वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। अमेरिका के रक्षा विभाग ने हाल ही में घोषणा की कि ट्रंप को मारने के लिए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा भेजे गए एक गुप्त विभाग के प्रमुख को एक सैन्य हमले में मार गिराया गया। साथ ही ट्रंप की राजनीतिक हत्या की साजिश रचने वाले एक पाकिस्तानी आरोपी को अमेरिका की अदालत ने सजा भी सुनाई है।
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इसके अलावा पहले फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स में ट्रंप पर हत्या का प्रयास करने वाले ‘रयान वेस्ली राउथ’ नाम के व्यक्ति को फरवरी 2026 में अमेरिका की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। लेकिन इस हमले का ईरान से सीधा संबंध नहीं पाया गया। अमेरिका की खुफिया एजेंसियां ट्रंप को ईरान से खतरे पर लगातार नजर रख रही हैं और उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इससे पहले भी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मार डालने की खुली चेतावनियां और धमकियां ईरान के नेताओं और उस देश के आतंकवादी समूहों से कई बार आई हैं। खासकर 2020 में ट्रंप के आदेश पर अमेरिका की सेना ने ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मार दिया था, तभी से यह विवाद जारी है।
