पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया, पढ़ें क्यों तैयार की गईं हैं तीन हजार कब्रें?

तेहरान : ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है। लाखों लोग और कई देशों के प्रमुख, प्रतिनिधि इस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। इसी बीच खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर एक सनसनीखेज बात सामने आई है। जर्मनी की एक प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्रिका ने खुलासा किया है कि अंतिम संस्कार के लिए पहले से ही तीन हजार कब्रें तैयार की गई हैं। यह बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

PDP Chief Mehbooba Mufti

एक हफ्ते तक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम चलाने के बाद अगले शुक्रवार (9 जुलाई) को उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में दफनाया जाएगा। खामेनेई के ताबूत को तीन दिन तक तेहरान में रखा जाएगा। इसके बाद मंगलवार को इसे पवित्र शहर कोम ले जाया जाएगा। इसके बाद बुधवार को पड़ोसी देश इराक में जुलूस निकाला जाएगा। फिर शुक्रवार को उत्तर-पूर्वी ईरान के उनके गृहनगर मशहद में पार्थिव शरीर को दफनाया जाएगा। 28 फरवरी को अमेरिका के हमलों में मारे गए खामेनेई की नन्ही पोती ज़हरा मोहम्मदी, बेटी, दामाद, बेटे मुज्तबा खामेनेई की पत्नी समेत कई परिवार के सदस्यों की कब्रों के पास ही खामेनेई के पार्थिव शरीर को दफनाया जाएगा।

इसी बीच जर्मन अखबार WELT ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के मद्देनजर तेहरान के बेहेश्त-ए-ज़हरा कब्रिस्तान में लगभग तीन हजार कब्रें पहले से तैयार की गई हैं। WELT के अनुसार, ईरान रेड क्रिसेंट और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन संगठन के पहले उपाध्यक्ष मोहम्मद रेज़ा आरेफ को भेजे गए एक गुप्त पत्र में एक भयावह अनुमान लगाया गया। तेहरान नगरपालिका के एक कर्मचारी के हवाले से अखबार में लिखा गया है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस में लगभग 1500 से 3000 लोगों के मरने की आशंका है।

उस अखबार में यह भी लिखा है कि अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोगों के आने और साथ ही तेजी से बढ़ते तापमान के कारण भारी भगदड़ हो सकती है। इस डर से इमरजेंसी अधिकारियों ने आपदा प्रतिक्रिया योजना बनाई है। तैयार की गई कब्रें वास्तव में हैं। तीन हजार लोगों की मौत हो भी जाएं तो कोई बात नहीं। नगरपालिका कर्मचारी ने कहा है कि इतनी बड़ी भीड़ और भीषण गर्मी में क्या होगा, यह किसी को पता नहीं है। अगर सच में भगदड़ होती है तो मृतकों और लापता लोगों के लिए एक विशेष विभाग भी बनाया गया है

साल 2020 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार में हुई भयानक भगदड़ की घटना ने इस आपातकालीन योजना को तैयार करना पड़ा था। अमेरिका के ड्रोन हमले में सुलेमानी मारे गए थे और ईरान भर में लाखों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। 7 जनवरी 2020 को केरमान में हुए अंतिम संस्कार में भगदड़ में कम से कम 100 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए थे। इस त्रासदी की वजह से सुलेमानी के अंतिम संस्कार को कुछ घंटों के लिए रोकना पड़ा था। खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस में भी लाखों लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

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