ग्लास्गो/हैदराबाद: विश्व खेल जगत में भारत एक और ऐतिहासिक पल के लिए तैयार है। 2 अगस्त को ग्लास्गो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में स्कॉटलैंड से भारतीय दल आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ का झंडा ग्रहण करेगा। इस हैंडओवर समारोह के साथ भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से लेगा और अगले मेजबान के रूप में अहमदाबाद का नाम दुनिया के सामने गर्व से पेश करेगा।
20 मिनट का भारतीय कला वैभव
जर्सी बदलाव और पदक की होड़ को छोड़कर, समापन समारोह में भारत द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला 20 मिनट का सांस्कृतिक प्रदर्शन (India Handover Segment) इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। इस कार्यक्रम को हमारे देश की अपार कला, संस्कृति और एकता को दुनिया के सामने पेश करने के लिए तैयार किया गया है।
इसमें शामिल होंगे
पद्मश्री शंकर महादेवन, पूर्व मिस वर्ल्ड और अभिनेत्री मानुषी छिल्लर, लोक और प्लेबैक सिंगर भूमि त्रिवेदी, संगीत निर्देशक सिद्धार्थ महादेवन और शिवम महादेवन और अंतर्राष्ट्रीय सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा शामिल होंगे।
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भारतीय एकता को दर्शाने वाला नृत्य प्रदर्शन
वंदे मातरम 150वीं वर्षगांठ को श्रद्धांजलि: प्रदर्शन की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर एक विशेष थियेट्रिकल एक्ट होगा। मानुषी छिल्लर के नेतृत्व में कलाकारों का समूह भारतीय एकता को दर्शाता नृत्य प्रस्तुत करेगा।
सितार – स्कॉटिश पाइप्स जुगलबंदी: भारतीय सितार वादक ऋषभ शर्मा और स्कॉटलैंड के प्रसिद्ध पाइपर रोज़ आइंसली की जुगलबंदी पूर्वी-पश्चिमी संस्कृतियों के मेल का प्रतीक होगी।
गुजरात की संस्कृति का ग्रैंड फिनाले: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाले गुजरात राज्य को सम्मान देते हुए समापन होगा। शंकर महादेवन अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम के साथ गीतों से समां बांधेंगे और उनके साथ गुजराती गायिका भूमि त्रिवेदी भी होंगी।
2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद भारत को फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना यह पहली बार है। 2030 में होने वाले इस शताब्दी संस्करण (Centenary Edition) की तैयारियों का भव्य आगाज ग्लास्गो के समापन समारोह से ही होगा।
