ग्लास्गो: भारत के एथलीट गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में नया इतिहास रच दिया। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ को गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड में पूरा करके रजत पदक जीता। इसके साथ ही इस वर्ग में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर उन्होंने दुर्लभ उपलब्धि हासिल की। इस गेम्स में एथलेटिक्स में भारत का यह दूसरा सिल्वर मेडल है।
पुरुष हाईजंप में पहले ही सर्वेश कुशारे रजत जीत चुके हैं। स्कॉट्स टाउन स्टेडियम में भारी बारिश हो रही थी, इसके बावजूद गुलवीर एक कदम भी पीछे नहीं हटे। अमेरिका में स्कॉट सिमन्स के पास ट्रेनिंग लेने वाले गुलवीर ने पहले 5,000 मीटर धीरे-धीरे पूरे किए। 2023 के वर्ल्ड चैंपियन डेनियल एबेन्यो सहित कई अफ्रीकी धावक मैदान में थे, लेकिन गुलवीर रणनीति के साथ आगे बढ़े। आखिरी 5,000 मीटर में उन्होंने कुछ लैप्स में शानदार दौड़ लगाई और ताकतवर फाइनल किक के साथ आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की को मामूली अंतर से हराकर दूसरा स्थान हासिल किया।

काइ रॉबिन्सन (ऑस्ट्रेलिया, 27:48.93 सेकंड) ने स्वर्ण और मुलार्की (27:50.28 सेकंड) ने कांस्य जीता। 1986 के कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद पहली बार पुरुषों की 10,000 मीटर में कोई भी अफ्रीकी एथलीट पदक नहीं जीत पाया।महिला हाईजंप में एशियाई चैंपियन पूजा सिंह 1.82 मीटर पार करने में नाकाम रहीं। भारी बारिश के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गुलवीर ने कहा- “पदक जीतना हमेशा अच्छा लगता है। रेस अच्छी हुई, बारिश भी हुई। लेकिन जब पदक जीतते हैं तो बारिश, धूप, गर्मी, कुछ भी मायने नहीं रखता। मैंने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया था। रेस से पहले मैंने सर्वशक्तिमान भगवान से प्रार्थना की। मेरा परिवार सो रहा होगा। मैंने उन्हें रेस के समय के बारे में नहीं बताया। मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता। वे बाद में वैसे भी देख लेंगे। अभी मेरा पूरा ध्यान 5K रेस पर है।”
Also Read-
भारत के शॉटपुट एथलीट्स ने गेम्स में दम दिखाया। पुरुष वर्ग में तजिंदरपाल सिंह ने ऑटोमैटिक मार्क 20 मीटर को आसानी से पार कर लिया। पहले प्रयास में उन्होंने गोला 19.93 मीटर दूर फेंका। दूसरे प्रयास में 21.14 मीटर का थ्रो करने के बाद तीसरा प्रयास किए बिना ही प्रतियोगिता से हट गए। ओवरऑल यह दूसरा सबसे अच्छा थ्रो रहा।
ग्रुप-B क्वालिफाइंग में समरदीप सिंह ने पहले प्रयास में 19.95 मीटर फेंका। दूसरे थ्रो में 19.75 मीटर किया, जबकि तीसरा प्रयास असफल रहा। दोनों ग्रुप में कुल 15 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें गिल 5वें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचा। दूसरी तरफ नेशनल रिकॉर्ड होल्डर अनिमेष कुजूर 200 मीटर रेस में सेमीफाइनल में पहुंचे। बुधवार को हुई हीट्स-4 में अनिमेष ने 20.46 सेकंड में लक्ष्य पूरा किया। ओवरऑल वह 7वें स्थान पर रहे। कुल सबसे तेज 16 खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।
Also Read-
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के बॉक्सर्स का पंच धमाकेदारसाक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच, अंकुश और नरेंद्र ने शानदार जीत के साथ अपने-अपने वर्ग में सेमीफाइनल में जगह बना ली और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। महिला 51 किग्रा क्वार्टर में साक्षी ने 5-0 से काइलीन फ्रायर्स (आयरलैंड) को हराया। अपनी लंबाई और रीच का पूरा फायदा उठाते हुए साक्षी ने दमदार पंचों से मुकाबले को एकतरफा बना दिया। 70 किग्रा क्वार्टर में अरुंधति ने 3-1 से मॉर्गन हेंडरसन को कड़ी टक्कर में हराया। पुरुष 60 किग्रा में सचिन ने 5-0 से ट्रेजर मोरेमी (बोत्सवाना) को धूल चटाई। पांचों जजों ने सर्वसम्मति से सचिन को अंक दिए।
पुरुष 80 किग्रा में अंकुश पंगल ने 5-0 से जेड मिकाक (सेशेल्स) को और 90+ किग्रा में नरेंद्र बेरवाल ने 3-2 से माइकल सीको (समोआ) को हराया।भारत के स्टार स्विमर साजन प्रकाश ने निराश किया। पुरुष फ्रीस्टाइल हीट्स में साजन 1:51.99 सेकंड के टाइमिंग के साथ 5वें स्थान पर रहे। इसलिए फाइनल के 8 खिलाड़ियों में जगह नहीं बना सके। अनीश गौड़ा (1:51.64 सेकंड) 18वें स्थान पर रहे। 50 मीटर बटरफ्लाई इवेंट में भी साजन फाइनल में नहीं पहुंच पाए। पैरा स्विमिंग S7 50 मीटर फ्रीस्टाइल में चैतन्य विश्वास कुलकर्णी और सुयश नारायण जाधव ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। हीट्स में कुलकर्णी और जाधव क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
