विश्व हिंदी दिवस: मिधानि में हिंदी कार्यशाला, डॉ बी बालाजी ने इस विषय पर दिया जबरदस्त व्याख्यान और…

हैदराबाद: विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय के उपक्रम मिश्र धातु निगम लिमिटेड (MIDHANI) के तत्वावधान में बीपीडीएवी स्कूल, मिधानि में छात्रों के लिए हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। मिधानि के प्रबंधक (हिंदी अनुभाग एवं निगम संचार) डॉ बी बालाजी ने ‘हिंदी है देश की भाषा, बनाएंगे इसे विश्व भाषा’ विषय पर व्याख्यान दिया। संचार के लिए भाषा के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए बालाजी ने भारतीय शासन प्रणाली में हिंदी भाषा के माध्यम से संचार की आवश्यकता को रेखांकित किया।

छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्व हिंदी दिवस के आयोजन के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन के स्मरण में 2006 से इसे आयोजित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य विश्व में हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है। अब तक 12 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थान दिलाने की मुहिम अभी चलती ही जा रही है। इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता की ओर इशारा किया।

डॉ बालाजी ने कहा कि हिंदी को विश्व भाषा बनाने से पहले भारत की प्रशासनिक भाषा के रूप में स्थापित करने की चुनौती का समाधान करना बेहद जरूरी है। दैनंदिन इस भाषा का अनुप्रयोग लेखन की भाषा के रूप में बढ़ाना अत्यधिक आवश्यक है। बोलचाल की भाषा के रूप में यह विश्व भर में लोकप्रिय तो है ही। डॉ बालाजी ने छात्रों से भारत के संविधान में राजभाषा हिंदी के उल्लेख के संबंध में भी चर्चा की।

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उन्होंने कंप्यूटर व स्मार्ट फोन पर हिंदी में टंकण की जानकारी देकर छात्रों को हिंदी टंकण व संभाषण के लिए प्रेरित किया। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ दैनिक काम-काज में तथा तकनीकी के क्षेत्र में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग से ही हिंदी को विश्व भाषा बनाया जा सकता है। हिंदी के माध्यम से रोजगार पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को हिंदी में भविष्य बनाने के लिए आकर्षित किया। कार्यशाला के दौरान व्याख्याता और छात्रों के बीच तकनीकी के प्रयोग से हिंदी के विस्तार पर भी काफी चर्चा हुई।

बीपीडीएवी स्कूल के प्रधानाचार्य वी एस प्रशांत ने मिधानि के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मिधानि की राजभाषा कार्यान्वयन समिति में लिए गए निर्णय के अनुसार कार्यालय के बाहर हिंदी के प्रचार-प्रसार की कड़ी के रूप में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर स्कूल के छात्रों के लिए हिंदी कार्यशाला का आयोजन प्रशंसनीय है। यह हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के प्रति मिधानि के व्यावहारिक दृष्टिकोण को प्रकट करता है।

अवसर पर विद्यालय के अध्यापिका नीना साह ने कहा कि सभी भाषाएँ सम्माननीय हैं, किंतु मातृभाषा और राष्ट्रभाषा अन्य सभी भाषाओं से सर्वोपरि है। संतोष कुमार अघाले, हिंदी अध्यापक ने कहा कि हम सब भारतीयों को घर में अपनी मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए और घर बाहर देश की संपर्क भाषा हिंदी का।

सावित्री कुमारी, हिंदी अध्यापिका ने कहा कि हिंदी हम भारतीयों की पहचान है। हमें विश्व अपनी पहचान बनाए रखने और विकसित राष्ट्र बनने के लिए हिंदी का योगदान महत्वपूर्ण होगा। बीपीडीएवी के छात्रों ने सक्रिय रूप से कार्यशाला में भाग लिया। अध्यापिका नीना साह के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यशाला का समापन हुआ।

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