राजनीतिक विश्लेषण: तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी का विस्तार, जानिए कारण और रणनीति

हैदराबाद: भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस समय दक्षिण भारत पर अधिक फोकस कर रही है। दक्षिण भारतीय के कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल में सत्ता पाने की कोशिश कर रही बीजेपी की नजर तेलंगाना पर सबसे ज्यादा है। पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के तेलंगाना दौरे को इसी रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी को लग रहा है कि तेलंगाना में आसानी से सत्ता हासिल किया जा सकता है। इस समय बीजेपी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए तेलंगाना पर फोकस किया है।

तेलंगाना में कुल 17 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं। बीजेपी की उम्मीद है कि 17 सीटों में से 10 सीटों पर जीत हासिल करेंगे। इस समय तेलंगाना में बीजेपी के चार संसदीय हैं। बीजेपी को जीत की अधिक संभावनाएं हैं। इसी संभावनाओं को लेकर आगे बढ़ रही है। दक्षिण भारत की बात है तो बीजेपी कर्नाटक से अधिक नहीं उभर पाई है। बीजेपी को आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल से कोई भी सांसद नहीं है। इन तीन राज्यों में 84 सांसद सीटें आती हैं। तेलंगाना में 2019 के चुनाव में 4 लोक सभा सीटों पर जीत हासिल हुई। बीजेपी को अब दक्षिणी में विस्तार का सबसे पहला और अच्छा उदाहरण तेलंगाना ही दिखाई दे रहा है।

बीजेपी विधानसभा क्षेत्रों के विपरीत अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों की कई सीटों पर जीतने योग्य उम्मीदवारों की तलाश कर रही है। उसके पास लोकसभा के लिए ऐसे कईं उम्मीदवार मौजूद हैं। पूर्व सांसद और देश के सबसे अमीर नेताओं में से एक चेवेल्ला से कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, पूर्व सांसद एपी जितेंद्र रेड्डी, महबूबनगर से पूर्व मंत्री डीके अरुणा, पेद्दापल्ली से पूर्व सांसद जी विवेक वेंकटस्वामी, मेदक या मलकाजगिरी से पूर्व सांसद विजया शांति। बीजेपी के ये ऐसे उम्मीदवार हैं जो 2024 में टीआरएस और कांग्रेस की जीत को मुश्किल बना सकते हैं।

तेलंगाना में अभी बीजेपी के चार सांसद हैं। सिकंदराबाद से केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, करीमनगर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंडी संजय, निजामाबाद से डी अरविंद और आदिलाबाद से सोयम बापू राव हैं। हालांकि मौजूदा सांसद 2023 के विधानसभा चुनावों में चुनावी मैदान में उतरने के इच्छुक हैं। लेकिन पार्टी ने कम से कम 10 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों को उतारने की योजना बनाई है। इसके अलावा पार्टी के पास पहले से ही भुवनगिरी और नलगोंडा की सीटों पर चुनाव लड़ने वाले शक्तिशाली उम्मीदवारों के नाम हैं। उनके नाम उचित समय पर घोषित किये जाएंगे।

इस समय बीजेपी का फोकस तेलंगाना पर है। कर्नाटक में बीजेपी की सत्ता है। आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी का मोदी से अच्छे संबंद हैं। यानी वह मोदी विरोधी नहीं हैं। केरल में बीजेपी को प्रचार प्रसार करने में कुछ समय और लग सकता है। तमिलनाडु में भी बीजेपी के विस्तार के लिए समय लग सकता है। क्योंकि यहां पर 39 लोकसभा सीटों में से 37 सीटें डीएमके गठबंधन के हैं। एक सीट पर एआईएडीएमके है। इस समय बीजेपी को तेलंगाना में अपना विस्तार नजर आ रहा है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़े देखें तो विधानसभा चुनाव के मुकाबले बीजेपी का वोट शेयर 12 फीसदी बढ़ा था। बीजेपी को उम्मीद है कि तेलंगाना में 10 सीटों पर कब्जा कर किया जा सकता है।

बीजेपी ने तेलंगाना में मंडल स्तर तक कार्यालय बना लिए हैं। इसके लिए लगभग सौ लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। वॉल पोस्टरों के जरिए हर गांव बीजेपी प्रचार मुहिम चला रही है। पिछले छह महीने से हर जिले में राष्ट्रीय नेता का दौरा शुरू हो गया है। कुछ दिन पहले हैदराबाद में बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इस बैठक से बीजेपी ने इशारा किया था कि अब उनका अगला लक्ष्य दक्षिण भारत और खासकर तेलंगाना है। वर्तमान हालात से लगता है कि बीजेपी तेलंगाना और कर्नाटक में अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है। इसके अनेक कारण है। बीजेपी लगातार दक्षिण के राज्यों में जमीनीस्तर के नेताओं को जोड़ रही है।

बीजेपी ने तेलंगाना समेत दक्षिणी में विस्तार के लिए छह मुद्दे तैयार किए हैं। इसी के बल पर वह आगे बढ़ रही है। इनमें सबसे पहला और बड़ा मुद्दा है- हिंदुत्व। यह पार्टी का हमेशा से ही बड़ा मुद्दा रहा है। कर्नाटक में हिजाब विवाद से लेकर हलाल मीट जैसे मुद्दे चल रहे हैं। वही तेलंगाना में भी भाग्यलक्ष्मी मंदिर मुद्दे से लेकर विधायक टी राजा सिंह के बयान का मुद्दा गरमाया है। तेलंगाना में बीजेपी किसी न किसी तरह हिंदुत्व का मुद्दा उठाकर चल रही है। वहीं परिवारवाद, भ्रष्टाचार, डबल इंजन की सरकार, एकला चलो और नये चेहरों वाले मुद्दे भी बीजेपी आगे कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमित शाह तक अपने भाषणों के दौरान इन मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं।

अविभाजित आंध्र प्रदेश में एक समय कांग्रेस पार्टी का कोई विकल्प नहीं था। इसे हकीकत में एक ऐसे नेता ने कर दिखाया जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। वो थे अभिनेता एनटी रामाराव। उन्होंने 1983 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करके करिश्मा दिखाया था। अब बीजेपी चाहती है कि उसी तरह का करिश्मा एक बार फिर हो जाये। इसलिए एनटीआर के पोते अभिनेता जूनियर एनटीआर को आगे करने की तैयार कर रही है। पिछले महीने अमित शाह ने जूनियर एनटीआर से अचानक मुलाकात करके चर्चा को और गर्म कर दिया था। हालांकि न तो भाजपा की तरफ से जूनियर एनटीआर की राजनीतिक पारी का कोई बयान आया न ही एनटीआर की ओर से कोई बयान दिया गया।

हाल ही में राज्य सभा के लिए बीजेपी ने तेलंगाना से आने वाले केवी विजयेंद्र प्रसाद को उम्मीदवार बनाया और उन्हें उच्च सदन में भेजा है। विजयेंद्र प्रसाद तेलगु और हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध स्क्रीन राइटर हैं। उनके बेटे ‘बाहुबली’ फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली हैं। प्रसाद ने हिंदी फिल्म ‘बजरंगी भाई जान’ से लेकर कई फिल्मों के लिए कहानी लिखी है। ऐसे में जूनियर एनटीआर से गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के राजनीतिक मायने निकालना कोई चौंकाने वाली बात नहीं हो सकती है। अगर जूनियर एनटीआर भाजपा के साथ जुड़ते हैं या फिर भाजपा के लिए चुनाव में प्रचार करते हैं तो उनकी लोकप्रियता का फायदा पार्टी को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मिल सकता है।

यह बात किसी से नहीं छिपा कि दक्षिणी राज्यों में सियासत में अगर बड़ा करिश्मा किसी ने कर दिखाया है तो अधिकांश अभिनेता से नेता बने व्यक्तियों ने ही ऐसा किया है। अब बीजेपी राजामौली के पिता और जूनियर एनटीआर के साथ इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ अभिनेता बीजेपी के साथ जुड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा बीजेपी को लोकसभा चुनाव में हो सकता है।

इतना ही नहीं हाल ही में जेपी नड्डा के तेलंगाना के मुनुगोडु दौरे के दौरान भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान मिथाली राज और अभिनेता नितिन से मिले। यह मिलना अचानक हुआ। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीजेपी कोई भी मौका अपने हाथ से गंवाना नहीं चाहती है। भविष्य में भी बीजेपी के नेता तेलंगाना में और अभिनेता, खिलाड़ी व प्रसिद्ध लोगों से मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

Archives

Categories

Meta

'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

X