हैदराबाद: आय से अधिक संपत्ति के मामले में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) भीम रेड्डी को एसीबी अधिकारियों ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में हैदराबाद, रंगारेड्डी जिलों के साथ-साथ कर्नाटक में कुल 16 स्थानों पर एक साथ की गई छापेमारी में एसीबी के इतिहास में सबसे चौंका देने वाली अवैध संपत्तियों का पता चला था।
नारसिंगी में वेसल्ला मेडोज़ विला, गच्चीबौली, टेलीकॉम नगर, तेल्लापुर में लक्जरी फ्लैट, मणिकोंडा में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शेयर, विकाराबाद और पटनचेरु में खुले प्लॉट, कर्नाटक और बेंगलुरु के आसपास लगभग 46 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े अहम दस्तावेज़ एसीबी अधिकारियों ने जब्त किए। इनकी बाजार कीमत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। भीम रेड्डी के आवास से 3.6 लाख रुपये नकद और उनके बेनामी के घर से 40 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा 2 किलो सोने के गहने, 20 किलो चांदी के सामान और 20 लाख रुपये का बैंक बैलेंस भी एसीबी अधिकारियों ने बरामद किया। इतना ही नहीं, छापेमारी के दौरान डीएसपी के घर से 23 विदेशी शराब की बोतलें भी मिलीं, जिसके कारण आबकारी विभाग ने अलग से मामला दर्ज किया।
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गौरतलब है कि छापे के दौरान भीम रेड्डी की पत्नी द्वारा लिखी गई एक गुप्त डायरी एसीबी को मिली। उसी के आधार पर सभी बेनामी संपत्तियों के लिंक का खुलासा हुआ। हालांकि, छापेमारी के समय भीम रेड्डी का बीपी अचानक बढ़ जाने के कारण स्वास्थ्य कारणों से अधिकारियों ने उन्हें सिर्फ 41 CrPC के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया था। इतनी बड़ी मात्रा में सैकड़ों करोड़ की अवैध संपत्ति मिलने के बावजूद सिर्फ नोटिस देकर छोड़ने पर एसीबी के रवैये की सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कड़ी आलोचना हुई। जनता के विरोध और भारी दबाव के बाद एसीबी अधिकारियों ने डीएसपी भीम रेड्डी को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
