वीकेंड आते ही हैदराबाद की सड़कों पर शराबियों का हंगामा, रिकॉर्ड स्तर पर मामले दर्ज, बाद में अगर और मगर…

हैदराबाद: वीकेंड आते ही शराबी हैदराबाद (Hyderabad) शहर में मुख्य रूप से सड़कों पर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। शुक्रवार से रविवार के बीच रात को पब में जाते हैं, पार्टियां मनाते हैं और शराब के नशे में गाडिय़ों में बैठकर सड़कों पर आ जाते हैं। हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस (Hyderabad Traffic Police) भले ही शहर में कई जगहों पर ड्रंक एंड ड्राइव (Drunk and Drive) अभियान चलाता है। लेकिन शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों में किसी प्रकार का डर दिखाई नहीं दे रहा हैं। मामले दर्ज होने पर भी वे शराब पीकर सड़कों पर आ रहे हैं। हैदराबाद आयुक्तालय परिधि में पिछले छह महीने से शराब पीकर गाड़ी चलाने के दर्ज मामले ही इसका उदाहरण हैं।

शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले दर्ज हो रहे हैं, लेकिन आरोपियों को सजा दिलाने में काफी देरी हो रही है। जनवरी से जुलाई 2022 तक शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुल 23,749 मामले दर्ज किये गये। उसमें से केवल आठ लाइसेंस मात्र अधिकारियों ने किये गये। हैदराबाद यातायात विभाग ने कहा कि अन्य 59 लाइसेंस निलंबित कर दिये गये हैं। बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए जा रहे हैं लेकिन उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। यही वजह है कि हर साल शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

पुलिस जहां रात में सड़कों पर ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ की ड्यूटी कर रही है। वहीं पकड़े जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किये जाने की कड़ी आलोचना हो रही है। इस साल की शुरुआत से अब तक दर्ज कुल मामलों में से 10,342 मामलों का अदालत में निपटारा हुआ है। अदालत ने अब तक निपटाये गये अधिकांश मामलों में जुर्माना लगाया है। प्रशासन ने अब तक शराब पीकर गाड़ी चलाने के 9,929 मामलों में जुर्माने के जरिए 2.44 करोड़ रुपये वसूल किया है। अदालत ने सभी मामलों में से केवल छह आरोपी को जेल की सजा सुनाई। अदालत ने 335 मामलों में जेल की सजा के साथ-साथ नगद जुर्माना भी लगाया।

अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों में कोविड- 19 के कारण शराब के नशे में गाड़ी चलाने वालों के लिए जेल की सजा रद्द कर दी थी। इस बीच, मोटर वाहन अधिनियम के तहत शराब के नशे में गाड़ी चलाने के पहले अपराध के लिए छह महीने तक की कैद या 2,000 जुर्माना या कुछ मामलों में दोनों भी लागू होते हैं। नशे में गाड़ी चलाने पर जेल की सजा के अंतराल के बाद नामपल्ली मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने मई में 30 लोगों को नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में सात दिन की जेल की सजा सुनाई। लेकिन जुलाई 2022 तक लगभग 13,000 मामले लंबित हैं।

हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 2014 से अब तक शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुल 1,71,589 मामले दर्ज किये हैं। इनमें 2022 के पहले दो महीनों में शहर में 5,876 मामले सामने आये। इससे पहले 2018 में 29,484 मामले, 2019 में 29,746 मामले, 2020 में सबसे कम 6,857 मामले, और 2021 में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले 29,439 मामले दर्ज किये गये।

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