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हैदराबाद : तेलंगाना में वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया जारी रहने के बीच वोट हटाने का मामला बड़ा राजनीतिक बवाल बन गया है। मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र में नियमों के खिलाफ फर्जी ‘फॉर्म-7’ आवेदनों का इस्तेमाल करके 30 योग्य वोटरों के नाम लिस्ट से हटाने की कोशिश करने वाले बीजेपी बूथ लेवल एजेंट (BLA) एस. बालचंदर पर चिक्कड़पल्ली पुलिस ने क्रिमिनल केस दर्ज किया है।
28 सितंबर को पोलिंग स्टेशन नंबर 210 पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को पहले से प्रिंट किए गए 30 फॉर्म-7 आवेदन जमा करने की बालचंदर ने कोशिश की, तो अधिकारियों ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया। गलत सत्यापन और फर्जी जानकारी के साथ वोटर हटाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) द्वारा जारी आदेश के अनुसार मुशीराबाद चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) टी. प्रवीण कुमार रेड्डी ने पूरी कानूनी सलाह लेकर चिक्कड़पल्ली पुलिस को शिकायत दर्ज की।
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इसके बाद पुलिस ने आरोपी बालचंदर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217, 318(2) के साथ जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज करके पूरी जांच शुरू कर दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेलंगाना में फर्जी फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर दर्ज हुई पहली FIR होने के साथ, सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के इस पर बड़े पैमाने पर विरोध करने से यह घटनाक्रम बीजेपी को राजनीतिक रूप से बड़ी मुश्किल में डाल सकता है।
गौरतलब है कि हैदराबाद सांसद ओवैसी ने आरोप लगाया कि गोशामहल क्षेत्र में बिना किसी जांच के, पहले से प्रिंट किए गए फॉर्म-7 आवेदनों को बड़े पैमाने पर जमा करके मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही नाराजगी जताते हुए कहा कि इस बड़ी साजिश के पीछे एक BJP समर्थक का हाथ है और सिर्फ एक ही क्षेत्र में लगभग 122 वोटरों को निशाना बनाकर ये आवेदन जमा किए गए हैं।
