हैदराबाद : तेलंगाना में 95 लाख वोट हटाए गए हैं, इस प्रचार पर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) सी. सुदर्शन रेड्डी ने स्पष्टता दी है। बताया कि इस खबर में सच्चाई नहीं है, वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अभी भी जारी है। वोटरों के विवरण की जांच, नोटिस जारी करना, जांच के बाद पात्रता तय करना जैसे चरण पूरे होने के बाद ही अंतिम लिस्ट पर स्पष्टता आएगी। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है अभी के आंकड़ों के आधार पर 95 लाख वोट हटाए गए हैं। CEO ने बताया कि चुनाव सूची संशोधन के तहत राज्यभर में 73,39,235 वोटरों को ASDD कैटेगरी में पहचाना गया है।
सीईओ ने बताया कि इस ASDD विभाग में गैरहाजिर, दूसरी जगह चले गए, मृत्यु हो गई और एक से ज्यादा जगह नाम दर्ज वाले आते हैं। लेकिन इस कैटेगरी में जोड़ी गई संख्या को ही अंतिम लिस्ट से स्थायी रूप से हटाए गए वोटों की संख्या नहीं मानना चाहिए। संबंधित वोटरों के विवरण की जांच कर, नोटिस प्रक्रिया पूरी कर व पात्रता पर फैसला लेना होगा। इसलिए मसौदा लिस्ट में हुए बदलावों को अंतिम हटाने के रूप में देखना सही नहीं है।

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CEO सी सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि वोटरों के विवरण में अंतर, पुराने रिकॉर्ड से विवरण न जोड़ पाने जैसे कारणों से कुल 92,88,187 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 92,23,486 नोटिस संबंधित वोटरों तक पहुंचाए गए। और 64,701 नोटिसों का वितरण अभी पूरा होना बाकी है। नोटिस पाने वाले वोटर अपने विवरण देकर, जरूरी दस्तावेजों के साथ जांच में शामिल हो सकते हैं। उसके बाद इस प्रक्रिया से वोटरों की पात्रता तय कर, अंतिम लिस्ट में नाम रखना है या नहीं, इस पर फैसला लिया जाएगा।
CEO द्वारा बताए विवरण के मुताबिक अब तक 82,11,205 वोटरों से जुड़ी जांच पूरी हुई है। अंतिम वोटर लिस्ट में जगह देने के लिए 74,62,851 लोगों को पात्र के रूप में पहचाना गया है। और 12,969 लोगों को अपात्र के रूप में पहचाना गया है। अभी 18,12,367 वोटरों से जुड़े मामलों पर फैसले लेने बाकी हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि वोटरों की पात्रता तय करने की प्रक्रिया में अभी कुछ चरण बाकी हैं। इसलिए अंतिम लिस्ट के प्रकाशन से पहले ही भारी संख्या में वोट हट गए हैं, ऐसा कहना सही नहीं है।
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चुनाव तंत्र ने लक्ष्य रखा है कि लंबित नोटिस, दावे और आपत्तियों पर 5 नवंबर तक फैसले लिया जाएगा। उसके बाद अंतिम वोटर लिस्ट 9 नवंबर को प्रकाशित करने का शेड्यूल है। बाकी मामलों को समय पर निपटाकर पात्र वोटरों के नाम अंतिम लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी। चुनाव अधिकारी कह रहे हैं कि वोटर लिस्ट में अपना नाम है या नहीं, हर एक को जांचना जरूरी है। नोटिस पाने वाले उसे नजरअंदाज न कर अधिकारियों के बताए अनुसार जवाब देकर जरूरी सबूत पेश करें। बताया कि नाम, पते और अन्य विवरण में गलतियां हों तो उन्हें सुधारने के लिए चुनाव अधिकारियों से संपर्क करना होगा।
इस प्रचार का CEO सुदर्शन रेड्डी ने खंडन किया है कि कुल मिलाकर तेलंगाना में 95 लाख वोट पहले ही हटा दिए गए हैं। स्पष्ट किया है कि अभी चल रहा है सिर्फ वोटरों के विवरण की जांच और पात्रता तय करने की प्रक्रिया ही है। लंबित मामलों पर फैसले और अंतिम लिस्ट के प्रकाशन के बाद ही वोटरों की संख्या पर पूरी स्पष्टता आएगी।
