ग्लास्गो/हैदराबाद: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में 11 दिनों तक चले 2026 कॉमनवेल्थ खेलों का रविवार को शानदार समापन हुआ। समापन समारोह में कॉमनवेल्थ खेलों का आधिकारिक झंडा भारत को सौंपा गया। इसके साथ ही 2030 में होने वाले शताब्दी यानी 100वें वर्ष के कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी भारत ने आधिकारिक रूप से संभाल ली।
अहमदाबाद-2030 को दर्शाने वाला एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भारत ने प्रस्तुत किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और कॉमनवेल्थ देशों के बीच के संबंधों को तीन रूपों में दिखाया गया। समापन समारोह में भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन लैम्बोरिया ने तिरंगा लेकर टीम का नेतृत्व किया।

इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य के साथ कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य के साथ कुल 171 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर रहा। इंग्लैंड (29-45-36) दूसरे और कनाडा (19-20-23) तीसरे स्थान पर रहे। भारत के बराबर 39 पदक जीतने के बावजूद स्कॉटलैंड कम रजत पदकों के कारण पांचवें स्थान पर रहा।
यह भी पढ़ें-
हमारे खिलाड़ियों का पावरफुल प्रदर्शनइस बार शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट, हॉकी जैसे भारत के मजबूत खेल न होने के बावजूद भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन से प्रभावित किया। खासकर बॉक्सिंग में 10 पदक, जिनमें रिकॉर्ड 7 स्वर्ण जीतकर भारतीय मुक्केबाजों ने अपना दबदबा दिखाया। वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीता। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण जीते, वहीं एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5,000 और 10,000 मीटर में दो पदक जीते।
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में पदक जीतकर रचा इतिहास, नीरज चोपड़ा ने फिर साबित किया अपना कदपैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनकर, दिलीप गविट और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीते, वहीं भारत ने तीन इवेंट्स में डबल पोडियम हासिल किया जो खास रहा। आखिरी दिन जूडो में ईशरूप नारंग महिलाओं के 78 किग्रा कांस्य पदक मुकाबले में कनाडा की कोरली गॉडबाउट से हारकर पदक से चूक गईं। पैरा साइक्लिंग में 16 साल की लिशा दास महिलाओं के C4-C5 1000 मीटर टाइम ट्रायल में छठे स्थान पर रहीं।
मेडलिस्टों का भव्य स्वागतकॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतकर स्वदेश लौटे भारतीय एथलीटों का रविवार को दिल्ली में भव्य स्वागत हुआ। पहली खेप में ओलंपिक पदक विजेता और स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, लवप्रीत सिंह सहित कई खिलाड़ी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने वाली मीराबाई चानू ने कहा, _”देश को फिर से पदक दिलाना गर्व की बात है।” पुरुषों के 110 किग्रा वर्ग में सिर्फ एक किलो से स्वर्ण चूककर रजत से संतोष करने वाले लवप्रीत सिंह ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य जीतने वाली बिंद्यारानी देवी ने कहा कि वह आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए और मेहनत करेंगी।
रैंक – देश – गोल्ड – सिल्वर – ब्रॉन्ज – कुल
1 ऑस्ट्रेलिया – 70 45 56 171
2 इंग्लैंड – 29 45 36 110
3 कनाडा – 19 20 23 62
4 भारत – 13 17 9 39
5 स्कॉटलैंड – 13 9 17 39
6 न्यूजीलैंड -10 14 12 36
7 नाइजीरिया – 10 7 7 24
8 जमैका -10 4 5 19
9 वेल्स – 9 10 12 31
10 मलेशिया – 8 3 5 16
