हैदराबाद : मुख्य शहरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था (Core Urban Region Economy) के दायरे में गरीब और निचले मध्यम वर्ग के लोगों को सबसे महत्वाकांक्षी योजना के रूप में दिए जाने वाले इंदिरम्मा मकान की योजना से संबंधित लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने एक विशेष कॉल सेंटर हेल्पलाइन आरंभ किया है। हैदराबाद स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में शनिवार को राजस्व और हाउसिंग विभाग के मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने इस कॉल सेंटर का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को मकान उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप इस परियोजना को अत्यंत पारदर्शी तरीके से लागू कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग इस योजना को लेकर किसी भी तरह के भ्रम और अफवाहों का समाधान किया जाये। उन्होंने बताया कि बिचौलियों की भागीदारी के बिना सीधे सरकारी सेवाएं लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ही यह कॉल सेंटर शुरू किया गया है।
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उन्होंने कहा कि इस योजना से संबंधित आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, भुगतान प्रक्रिया और घरों के आवंटन की पूरी आधिकारिक जानकारी के लिए लोग 040-24603572 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बिचौलियों पर भरोसा न करके सीधे इस कॉल सेंटर पर फोन करें। रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच फोन करके अपनी शंकाएं दूर कर सकते हैं। आवेदकों की सुविधा के लिए इस केंद्र को तेलुगु, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू चार भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोग अपनी पसंदीदा भाषा में अधिकारियों से बात करके जानकारी ले सकेंगे।
CURE के दायरे में कुल 1 लाख मकान के निर्माण के लक्ष्य के तहत पहली किस्त के रूप में 7680 घरों के निर्माण की शुरुआत सरकार ने की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों के चयन में किसी भी तरह की सिफारिशों की कोई जगह नहीं होगी और पारदर्शी नीति अपनाएंगे। इस योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को जिस निर्वाचन क्षेत्र में वे रहते हैं, वहीं घर के लिए आवेदन करना होगा। एक परिवार से केवल एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। नियमों के अनुसार पात्र हर परिवार को निश्चित रूप से केवल एक ही फ्लैट आवंटित किया जाएगा।
आवेदन के समय जमा की जाने वाली 10,000 रुपये की राशि केवल UPI या नेट बैंकिंग के जरिए ही जमा करनी होगी। नकली आवेदनों को रोकने और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बरतने के लिए इस डिजिटल तरीके को अनिवार्य किया गया है। अगर किसी को मकान मंजूर नहीं होता है तो बिना किसी कटौती के वही राशि उसी खाते में वापस भेज दी जाएगी। इस कॉल सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में हाउसिंग विभाग के विशेष सचिव गौतम, हाउसिंग बोर्ड के सीई रमनारेड्डी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए और परियोजना से संबंधित नियमों की जानकारी दी।
