नोट- ‘वल्वार’ (Walwar) मुख्य रूप से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के पश्तून (Pashtun) समुदायों में निभाई जाने वाली एक पारंपरिक जनजातीय प्रथा है। सरल शब्दों में, यह ‘वधू मूल्य’ (Bride Price) चुकाने का एक रिवाज है, जिसमें दूल्हा या उसका परिवार शादी तय करने के लिए दुल्हन के पिता या अभिभावक को एक तय रकम या संपत्ति देता है।
हैदराबाद (पाकिस्तान) : धार्मिक रिवाज के नाम पर 60 साल के बुजुर्ग से तीन साल की बच्ची की शादी कराने की अमानवीय घटना पाकिस्तान में हुई है। बलूचिस्तान प्रांत में हुई यह बर्बर घटना वहां बच्चियों, महिलाओं की स्वतंत्रता और हालात का आईना है। पारंपरिक ‘वल्वार’ (Walwar) रिवाज के नाम पर दुधमुंही बच्ची को 25 लाख रुपये में बेचकर शादी कराने की घटना ने सनसनी फैला दी है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। चमन शहर पुलिस ने बच्ची के पिता अब्दुल बाकी को गिरफ्तार किया है, जबकि 60 साल का दूल्हा सलाह उद्दीन फिलहाल फरार है।

बीबी की हत्या
वल्वार रिवाजइस रिवाज के मुताबिक शादी के लिए दूल्हे या उसके परिवार को दुल्हन के परिवार को पैसे देने होते हैं। हालांकि समझौते के मुताबिक पूरी रकम न देने से यह शादी कागजों तक ही सीमित रहने के दौरान पुलिस ने दखल दिया। इस घटना का बच्ची की 13 साल की बड़ी बहन शुक्रिया बीबी की हत्या से जुड़ा होना और ज्यादा सदमा पहुंचा रहा है।
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तीन नहीं, आठ साल की बच्ची दो
पहले अब्दुल बाकी ने अपनी 13 साल की बेटी शुक्रिया की शादी सलाह उद्दीन के बेटे कामरान से 15 लाख (PKR) वल्वार पर कर दी थी। उसके बाद अपनी तीन साल की छोटी बच्ची को सलाह उद्दीन को ही देने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया। लेकिन तीन साल की बच्ची की जगह 8 साल की दूसरी बेटी को भेजने के लिए सलाह उद्दीन ने दबाव डाला। पुलिस ने बताया कि इस दौरान दोनों परिवारों के बीच विवाद भड़क गया। क्या यही झगड़ा शुक्रिया की हत्या का कारण है, इस एंगल से जांच की जा रही है। उसने कबूल किया कि दरवाजे की झिरी से बाहर देखा, इस गुस्से में उसके पति कामरान ने लोहे की रॉड से पीटकर मार डाला। इस पर उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तीन साल की बच्ची और उसकी मां को पुलिस ने सुरक्षा दी है।
बलूचिस्तान के कानून क्या कहते हैं?
बलूचिस्तान बाल विवाह निषेध कानून 2025 के मुताबिक शादी के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल है। बाल विवाह करना अपराध है। बिना वारंट के ही गिरफ्तार करने का अधिकार पुलिस को है। बच्ची से शादी करने वाले व्यक्ति को 2 से 3 साल की कठोर कारावास की सजा के साथ 1 से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
पाकिस्तान जनसंख्या और स्वास्थ्य सर्वे
पाकिस्तान में बाल विवाह आज भी एक महत्वपूर्ण समस्या बने हुए हैं। 2017-18 पाकिस्तान जनसंख्या और स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक, 20 से 24 साल की उम्र वाली महिलाओं में 18.3 फीसदी की शादी 18 साल से पहले हुई, जबकि 3.6 फीसदी की शादी 18 साल से पहले हुई।
पाक में बाल विवाह
UNICEF के अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान में करीब 2.05 करोड़ बच्चियों/ महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हो गई है। इसमें 50 लाख की शादी 15 साल की उम्र से पहले होना गौर करने लायक है। खासकर अफगानिस्तान सीमा के आदिवासी इलाकों में यह ‘वल्वार’ रिवाज आज भी जारी है।

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