हैदराबाद: तेलंगाना में दिन-ब-दिन बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। घरेलू, कृषि, वाणिज्यिक, औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती जरूरतों के हिसाब से बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है। हाल ही में तेलंगाना दक्षिणी विद्युत वितरण कंपनी (TGSPDCL) के दायरे में बिजली की मांग ऑल टाइम अधिकतम स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार दोपहर 3.52 बजे कुल 12,044 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग दर्ज हुई। बिजली अधिकारियों ने बताया कि TGSPDCL के इतिहास में यह सबसे अधिक मांग है।
इस वित्तीय वर्ष में TGSPDCL के दायरे में इससे पहले सबसे अधिक 11,828 मेगावाट की मांग दर्ज हुई थी। इस महीने की 11 तारीख को दोपहर 12.44 बजे यह रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। अब 12,044 मेगावाट तक मांग पहुंचने से पुराना रिकॉर्ड टूट गया। यानी पिछली अधिकतम मांग की तुलना में अब 216 मेगावाट अधिक बिजली की जरूरत बढ़ी है। एक साथ खपत बढ़ने के बावजूद सप्लाई सिस्टम पर अधिकारियों ने पहले से कदम उठाए होने से बिना किसी बड़ी तकनीकी बाधा के बिजली सप्लाई जारी रही है।

ग्रेटर हैदराबाद के दायरे में भी बिजली की खपत काफी दर्ज हो रही है। 29 सितंबर को शाम 6.42 बजे 4,072 मेगावाट की अधिकतम मांग दर्ज हुई। GHMC दायरे में 82.89 मिलियन यूनिट बिजली खपत दर्ज होने के आंकड़े सामने आए हैं। हालांकि इस वित्तीय वर्ष में अब तक GHMC दायरे में सबसे अधिक मांग 22 मई को दर्ज हुई थी। शाम 3.33 बजे 4,782 मेगावाट की पीक डिमांड दर्ज हुई थी। 101.07 मिलियन यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई थी।
पूरे तेलंगाना में भी बिजली की जरूरतें काफी बढ़ रही हैं। तेलंगाना ट्रांसको स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक 29 सितंबर को दोपहर 12.56 बजे राज्य में 19,133 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग दर्ज हुई। राज्य भर में 326.70 मिलियन यूनिट बिजली खपत हुई। इस वित्तीय वर्ष में अब तक तेलंगाना में सबसे अधिक 19,543 मेगावाट की मांग 9 सितंबर को सुबह 10.41 बजे दर्ज होने की जानकारी अधिकारियों ने दी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि जरूरतों के लिए भी बिजली खपत बढ़ रही है। अधिकारी बता रहे हैं कि खासकर धान सहित विभिन्न फसलों की खेती, सिंचाई जरूरतों के लिए बिजली सप्लाई पर मांग बढ़ी है। कृषि क्षेत्र को जरूरी बिजली देने के लिए विशेष कार्य योजना के साथ सप्लाई सिस्टम का प्रबंधन किया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में घरेलू, वाणिज्यिक जरूरतों के साथ औद्योगिक गतिविधियों, आईटी कंपनियों, अन्य व्यापारिक संस्थानों के कारण बिजली खपत बढ़ रही है।
TGSPDCL अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाना, बिजली नेटवर्क को मजबूत करना, ट्रांसमिशन-वितरण सिस्टम का आधुनिकीकरण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले दिनों में डेटा सेंटर, आईटी पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार, कृषि, शहरीकरण जैसे कारणों से बिजली जरूरतें और बढ़ने की संभावना है। उसके अनुसार बुनियादी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
TGSPDCL चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर जितेश वी. पाटिल ने बताया कि बढ़ती बिजली जरूरतों को पहले से योजना, नेटवर्क मजबूती व कुशल प्रबंधन के जरिए पूरा करने के कदम उठाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय, निर्बाध बिजली देना ही लक्ष्य है। कुल मिलाकर देखें तो तेलंगाना में बिजली जरूरतें किस स्तर पर बढ़ रही हैं, यह ताजा आंकड़े स्पष्ट कर रहे हैं। एक तरफ घरेलू, कृषि, औद्योगिक क्षेत्रों में खपत बढ़ रही है तो दूसरी तरफ बढ़ती मांग के अनुसार बिजली वितरण सिस्टम को मजबूत करना अहम हो गया है।
