हैदराबाद: परिवहन एवं बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे ताड़ी ‘सेंदी’ (तेलुगु में ताटी कल्लु) उतारने के पेशे और ताड़ के उत्पादों को पुराना गौरव दिलाना ही लक्ष्य है और सरकार इसके लिए कृतसंकल्प है। ताड़ी और नीरा को सिर्फ पेय पदार्थ न मानकर प्रकृति द्वारा दी गई औषधियों के रूप में लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार विशेष कार्ययोजना तैयार कर रही है। हैदराबाद के सोमाजीगुड़ा प्रेस क्लब में मीडिया से कहा कि ताड़ी को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करने की जरूरत है।

पोन्नम ने बताया कि इसी के तहत राज्य की सभी सरकारी नर्सरियों में ताड़ और खजूर के पौधों (तेलुगु में ईत मोक्कलु) की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसा मंत्री पोन्नम ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ताड़ के बागों के विकास को प्राथमिकता देंगे और हैदराबाद शहर के मुख्य फाइव स्टार होटलों में भी शुद्ध ताड़ी और नीरा उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएंगे। ताड़ी उतारने वाले मजदूरों को सम्मान देने के क्रम में इन प्राकृतिक पेयों का महत्व बताने के लिए चिलकुर के पास एक्सपीरियम पार्क में इस महीने की 24 तारीख को ‘टॉडी म्यूजिकल फेस्टिवल एक्सपीरियम’ नाम से म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। यहां पहले ही 250 प्रकार के ताड़ के पौधे लगाए गए हैं।
Also Read-
इस कार्यक्रम में शामिल पूर्व मंत्री श्रीनिवास गौड़ ने ताड़ी को राज्य पेय के रूप में मान्यता देने की मंत्री से अपील की। उन्होंने यह याद दिलाया कि पिछली सरकार ने भी ताड़ी मजदूरों को प्रोत्साहित करने के लिए हैदराबाद के नेकलेस रोड पर प्रतिष्ठित रूप से नीरा कैफे स्थापित किया था। फिलहाल वहां ताड़ के उत्पाद जैसे नीरा, शुद्ध ताड़ी के साथ ताड़ का गुड़, ताड़ के फल से बने विभिन्न प्रकार के मिठाई, स्नैक्स उपलब्ध हैं। वहीं, इस कैफे की तर्ज पर पूरे राज्य में ताड़ उत्पादों की मार्केटिंग बढ़ाकर ताड़ी मजदूरों की आय बढ़ाई जा सकती है। इस कार्यक्रम में एमएलसी गोरेटी वेंकन्ना, पूर्व सांसद डॉक्टर बूरा नरसय्या गौड़ आदि ने भाग लेकर ताड़ के बागों के संरक्षण की अहमियत बताई।
