नई दिल्ली: हरियाणा में दो अलग-अलग मामलों में आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया। मीडिया में प्रसारित और प्रकाशित खबरों के अनुसार, नकली दवाओं की निर्माण कंपनी से तीन करोड़ रुपये रिश्वत लेने के मामले में हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गिरफ्तार किया।

ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के रीजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात गहलावत ने पुडुचेरी के एक व्यापारी को सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामले से बचाने के लिए तीन करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की। जांच को प्रभावित कर केस को पक्ष में कर देने का भरोसा देने पर आरोपियों ने बिचौलियों के साथ-साथ हवाला के जरिए पैसे पहुंचाए। हालांकि जांच के दौरान रिश्वत की बात सामने आने पर सीबीआई ने गहलावत को गिरफ्तार किया।
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इसी क्रम में दूसरे मामले में सरकारी फंड का दुरुपयोग करने वाले हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को सीबीआई अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव पद कार्यरत प्रदीप कुमार ने विभिन्न विभागों के सरकारी फंड को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों के जरिए अवैध रूप से डायवर्ट कर दिया। सीबीआई ने जांच पाया कि सरकारी वित्तीय नियमों का उल्लंघन कर, जानबूझकर प्राइवेट बैंक को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाया। इससे सरकार को 169 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सोचने की बात यह है कि ठीक रिटायरमेंट के दिन ही प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया।
