नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक खत्म हुई। 9 अक्टूबर की रात राष्ट्रपति से मिले गठबंधन के नेताओं ने वोट चोरी और CEC ज्ञानेश कुमार की गड़बड़ियों पर राष्ट्रपति को मेमोरेंडम सौंपा है। दस नेताओं से मिलने की राष्ट्रपति ने इजाजत दी तो गठबंधन से कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, डी राजा आदि नेता राष्ट्रपति से मिले।
इसके बाद राहुल ने कहा कि राष्ट्रपति को मेमोरेंडम दिया है। साथ ही आरोप लगाया कि मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश इंडिया के लोकतंत्र को तबाह करने की साजिश रच रहे हैं। वह बात राष्ट्रपति को बताई है। वोट चोरी और इलेक्शन चोरी से हुए नुकसान के बारे में बताया। राहुल ने आगे कहा कि वोट चोरी के प्रूफ के बारे में पूरे देश को पता है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव चोरी हुए हैं। वोट चोरी से जुड़े प्रूफ राष्ट्रपति को सौंपेंगे। बताया कि उम्मीद है कि प्रेसिडेंट लोकतंत्र की रक्षा करेंगी।

मैं अभी एक अविश्वसनीय बैठक से बाहर आया हूं। इसलिए असल में क्या हुआ, मैं आपको बताता हूं। सबसे पहले, हमने भारत के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। उस ज्ञापन में हमने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने भारत के लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रची है। राष्ट्रपति ने हमने जो कहा उसका खंडन नहीं किया। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे बयानों पर सवाल नहीं उठाया या किसी भी तरह से उनके खिलाफ तर्क नहीं दिया ।
राहुल ने हमारी दलीलों को स्वीकार किया और वोट चोरी से जुड़े सबूत पेश करने को हमसे कहा गया। वोट चोरी से जुड़े साक्ष्य पूरे देश को पता हैं। राज्य दर राज्य वोट चुराए गए। जैसा कि आपको पता है, 2024 के वोट चोरी हुए हैं।
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AICC चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रपति मुर्मू से बैठक के बाद मीडिया से बात की। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को तबाह कर रहे हैं। आरोप लगाया कि CEC की बीजेपी से मिलीभगत है। वोट चोरी पर राष्ट्रपति को बताया कि देश में क्या-क्या हो रहा हैं। लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। बैलेट तरीके से ही चुनाव कराने की मांग की है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम एवं TMC (M) चीफ ममता बनर्जी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है। डेमोक्रेसी की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन लड़ेगा।
