हैदराबाद : स्वतंत्रता सेनानी पंडित गंगाराम स्मारक मंच के नेतृत्व में हैदराबाद मुक्ति दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन आर्य कन्या विद्यालय हाई स्कूल, देवीदीन बाग, कंदास्वामी लेन, सुलतान बाजार में किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख साहित्यकार डॉ. नयन कुमार आचार्य आर्य (परली, महाराष्ट्र) मुख्य अतिथि रहे। साथ ही विशेष के रूप में अतिथि वैद्यनाथ और डॉ. मैत्रेयी शास्त्री ने भाग लिया और संबोधित किया।

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कार्यक्रम के आरंभ स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती, पंडित विश्वनाथ और पंडित वेंकटेश्वर शास्त्री के साथ सभी हुतात्मा और त्यागियों को स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर वैद्यनाथ ने निजाम के क्रूर शासन ने कैसे उनके बड़े पिता स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती, पिता पंडित विश्वनाथ तथा पंडित वेंकटेश्वर शास्त्री को कैसे प्रताड़ित किया। साथ ही उन्होंने छह आर्य समाजों के निर्माण की यशस्वी गाथा सुनाई।

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डॉ. मैत्रेयी शास्त्री ने बताया कि उनके नाना पंडित विश्वनाथ की ओर से कैसे उन्हें शिक्षा में प्रोत्साहित किया। उन्होंने उनके बचपन के संस्कारों पर प्रकाश डाला। मुख्य रूप से हैदराबाद निज़ाम शासन द्वारा किए गए अत्याचारों और उनके नाना के संघर्ष पर प्रकाश डाला। निज़ाम शासन के समय अत्याचार के विरोध में भक्त राम जी ने अपने पिता पंडित गंगाराम एवं श्रुतिकान्त भारती ने उनके नाना भाई बंसीलाल व श्यामलाल के कार्यकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ नयन कुमार आचार्य ने बड़े ही ओजस्वी संबोधन कर हैदराबाद मुक्ति संग्राम की गाथा सुनाई। उनका संबोधन श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने आर्यजगत से आह्वान किया कि वे आर्य समाज को मजबूत करने के लिए एकजुट हो जाये और कार्य प्रणाली के साथ आगे आये।

पंडित गंगाराम स्मारक मंच के मंत्री श्रुतिकांत भारती ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशेष अतिथियों और श्रोताओं के इस कार्यक्रम में भाग लेकर सफल करने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का समापन पंडित प्रियदत्त शास्त्री के शांति पाठ से हुआ।


