बेंगलुरु : क्राइस्ट एकेडमी इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडीज (CAIAS) में स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस (SWO) के तत्वावधान में ‘उमंग- 2026 रंगीलो चौक’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डांडिया नाइट के लिए करीब 1,500 पंजीकरण हुए, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में सात टीमों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान राजस्थानी और गुजराती परिधानों, पारंपरिक आभूषणों, खान-पान तथा अन्य वस्तुओं के स्टॉल भी लगाए गए।
डांडिया नाइट में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में संगीत की धुन पर नृत्य किया। गुजरात और पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ी डांडिया परंपरा को बेंगलुरु के शैक्षणिक परिसर में मंच मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को क्षेत्रीय लोक संस्कृति से परिचित होने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर प्रदान किया।

आयोजन में राजस्थान के व्यापारियों ने विभिन्न स्टॉल लगाकर परिधान, आभूषण और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए। खान-पान से जुड़ी दुकानों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। इन स्टॉलों के माध्यम से विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों को राजस्थानी-गुजराती पहनावे, पारंपरिक आभूषणों तथा खान-पान की विविधता से परिचित होने का अवसर मिला। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ क्षेत्रीय उत्पादों और व्यापारियों को भी मंच उपलब्ध हुआ।
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नृत्य प्रतियोगिता में सात टीमों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रचनात्मकता, तालमेल और मंचीय कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सामूहिक रूप से प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान किया।
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कार्यक्रम का समन्वय डॉ. निशा जैन, सुश्री गोपिका और सुश्री ममता ने किया। स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के समन्वयक डेल्विन और सुश्री नीना ने भी आयोजन में सहयोग दिया। छात्र समितियों, स्वयंसेवकों और आयोजन से जुड़ी टीमों ने कार्यक्रम की तैयारियों तथा संचालन में योगदान किया। आयोजकों ने डॉ. फादर एंटॉनी डेविस के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उनके सहयोग और प्रोत्साहन से विद्यार्थियों को संस्थान की सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

‘उमंग-2026 रंगीलो चौक’ में डांडिया नाइट, नृत्य प्रतियोगिता और राजस्थानी-गुजराती उत्पादों के स्टॉलों ने आयोजन को विविध सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा। पश्चिम भारत की लोक परंपराओं और क्षेत्रीय उत्पादों को बेंगलुरु के शैक्षणिक परिसर में प्रस्तुत करने के माध्यम से कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता से परिचित होने का अवसर दिया।
