आज हिंदी पत्रकारिता दिवस है। यह दिवस हर साल 30 मई को मनाया जाता है। इसी दिन अर्थात 30 मई 1826 को कलकत्ता (कोलकाता) से हिंदी भाषा में पहला समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था। उसी के प्रकाशन के याद में हर साल हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इसके बाद देश में अनेक प्रत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित हुई और बंद हो गई। इसके अनेक कारण हो सकते हैं।
ऐसे ही एक पत्रकार पंडित गंगाराम जी वानप्रस्थी ने हैदराबाद से तीन-चार दशकों तक मासिक ‘वर्णाश्रम पत्रिका’ का संपादन किया। वह पत्रिका पत्रिका बहुत छोटी थी। साथ ही लेखक के रूप में गंगाराम जी ने ‘ऋषि चरित्र प्रकाश’ से लेकर कईं पुस्तकों की रचना की थी। प्रकाशित सामग्री काफी पठनीय और ज्ञावर्धक होती थी। मुख्य रूप से समसामयिक और आर्य समाज के विषयों की भरमार रहती थी। इन सबका बारिकी से अध्ययन करने वाले पंडित गंगाराम जी वानप्रस्थी के पुत्र भक्तराम ने पिता के लक्ष्य और आर्य समाज के विचार को प्रसार और प्रचार करने के लिए साल 2022 में पिताजी के शुभचिंतकों के साथ मिलकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित गंगाराम स्मारक मंच की स्थापना की।

मंच की स्थापना होते ही 15 सितंबर 2022 को विभिन्न क्षेत्रों में सेवारत 15 व्यक्तियों को तत्कालीन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के हाथों सेवारत्न पुरस्कार-2022 से सम्मानित किया। इसके बाद 15 फरवरी 2023 को उस्मानिया विश्वविद्यालय के सहयोग से आर्ट्स कॉलेज के सभागृह में हैदराबाद मुक्ति आंदोलन एवं भारतीय भाषाएं पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया। इस संगोष्ठी में चार भाषाओं (संस्कृत, हिंदी, कन्नड़ और मराठी) के कवि, लेखक और साहित्यकारों ने भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किये। इसके बाद कादंबिनी क्लब की संस्थापक डॉ. अहिल्या मिश्र और सूत्रधार की संस्थापक सरिता सुराणा और अन्यों का विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया गया।
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बाद में भक्तराम के शुभचिंतकों ने मंच को सलाह दी कि पंडित गंगाराम जी पर एक जीवनी प्रकाशित की जाए। सलाह देने वालों में- डॉ विजयवीर विद्यालंकर, पंडित प्रियदत्त शास्त्री, के. राजन्ना, अशोक श्रीवास्तव और अन्य शामिल हैं। हमने आदर पूर्वक उनकी सलाह को मानकर आर्य जगत के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रा. राजेंद्र जिज्ञासु (94) जी (अबोहर निवासी – पंजाब) से निवेदन किया जिसे उन्होंने तत्काल मान लिया और अपने अन्य कार्यों में व्यस्त होने के बावजूद उसे बाजू रख दिया और 2023 में ‘जीवन संग्राम क्रांतिवीर पं. गंगाराम वानप्रस्थी’ लिख डाली। मंच ने इसे दिल्ली से मुद्रित करके प्रकाशित करवाया। इसके बाद मंच ने क्रांतिवीर गंगाराम जी की प्रसिद्ध पुस्तक ‘ऋषि चरित्र प्रकाश’ जिसे निजाम ने जब्त किया था, उसे भी साल 2024 में प्रकाशित करवाई। इसी सिलसिले में स्वतंत्रता सेनानी पंडित गंगाराम स्मारक मंच का (Reg. No.103 of 2024) पंजीकरण किया। इस समय मंच के संस्थापक अध्यक्ष- भक्तराम, मंत्री- श्रुतिकांत भारती और कोषाध्यक्ष- प्रदीप जाजू है और अनेक सदस्य हैं।
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तत्पश्चात कुछ विद्वतजनों ने पंडित गंगाराम जी वानप्रस्थी के कार्यों को समाज में जागृत रखने हेतु हिंदी पत्रकार सम्मान पुरस्कार और हिंदी लेखक सम्मान पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन करने का मंच को सुझाव दिया। इसी सुझाव से प्रभावित होकर मंच ने निश्चित किया है कि प्रतिवर्ष एक हिंदी के समाचार पत्र / पत्रकार तथा हिंदी के एक लेखक का सम्मान/प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में आज हिंदी पत्रकारिता दिवस पर डेली हिंदी मिलाप संपादक विपमा वीर और लेखिका डॉ कमला गणोरकर को पहली बार पुरस्कृत कर रहा है। ‘तेलंगाना समाचार’ ऐसे महान कार्य करने वाले स्वतंत्रता सेनानी पंडित गंगाराम स्मारक मंच के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और पुरस्कृत ग्रहीताओं को बधाई देता है।
– तेलंगाना समाचार
