Congress: पूर्व विधायक विष्णुवर्धन रेड्डी ने दिया वरिष्ठ नेताओं को लंच, राजनीतिक गलियारों में हैं यह चर्चा

हैदराबाद: कांग्रेस पार्टी के दिवंगत नेता पी जनार्दन रेड्डी (पीजेआर) के बेटे और पूर्व विधायक विष्णुवर्धन रेड्डी की ओर से आयोजित लंच में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता वीएच हनुमंत राव के साथ मधु याशकी गौड़, दासोजू श्रवण और बेल्लय्या नायक ने भाग लिया। विष्णुवर्धन रेड्डी ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता वीएच के साथ पूर्व सांसद मधु याशकी, जग्गा रेड्डी और श्रीधर बाबू के लिए लंच के लिए आमंत्रित किया। लेकिन जग्गा रेड्डी और श्रीधर बाबू लंच से दूर रहे। विष्णु ने बताया कि रेवंत रेड्डी दिल्ली में होने के कारण लंच में शामिल नहीं हो पाये हैं। मल्लू भट्टी विक्रमार्क शाम को आएंगे। विष्णु के लंच को लेकर राजनीति गलियारों में जबदस्त चर्चा चल पड़ी है।

चर्चा है कि विष्णुवर्धन रेड्डी की लंच में वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किये जाने के पीछे कांग्रेस में हाल ही घटित घटनाक्रम है। पीजेआर की बेटी और विष्णु की बहन विजया रेड्डी हाल ही में रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुईं। रेवंत रेड्डी ने कहा कि टीआरएस की पार्षद विजया रेड्डी के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र और मजबूत होगा। इतना ही नहीं रेवंत रेड्डी ने आगे कहा था कि विजया रेड्डी दिवंगत पी जनार्दन रेड्डी की उत्तराधिकारी है। चर्चा है कि रेवंत रेड्डी के इसी बयान से विष्णु नाराज है।

कहा जा रहा है कि विष्णु ने सवाल किया कि पीजेआर का बेटा मैं होते हुए पीजेआर की बेटी वारिस कैसे हो सकती है? यह भी चर्चा है कि विष्णु को यह बात भी पसंद नहीं आई कि उसे बिना बताये विजया रेड्डी को कांग्रेस में शामिल किया गया। क्योंकि वह यहां के कांग्रेस के नेता है। इसी मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए विष्णु ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लंच पर आमंत्रित किया।

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लंच/बैठक के बाद वीएच ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी की संपत्ति है। विष्णुवर्धन रेड्डी ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने की इच्छा जताई है। कांग्रेसी कार्यकर्ता बार-बार कह रहे हैं कि विष्णुवर्धन रेड्‍डी किसी को नहीं बुला रहें है और किसी के साथ बैठक भी नहीं कर रहे हैं। जैसा की उनके पिता पीजेआर के दौर में होता था। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेसी नेताओं को मिलकर कार्य करना चाहिए। साथ ही सवाल किया कि अगर नेता अपनी-अपनी दुकान खोलकर बैठे तो कांग्रेस सत्ता में कैसे आएगी?

वीएच ने कहा, “विष्णुवर्धन रेड्डी आखिर सांस तक कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे। सीएलपी लीडर के रूप में कार्य कर चुके पीजेआर के नक्शेकदम पर चलेंगे। विष्णु के मुद्दे पर मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बात करूंगा।” वीएच ने रेवंत रेड्डी को सुझाव दिया कि सोनिया गांधी ने आपको टीपीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसीलिए आपके नेतृत्व का समर्थन करते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए आपको सब को साथ लेकर चलना चाहिए।

आपको बता दें कि पीजेआर की आकस्मिक निधन के बाद राजनीति में आए विष्णुवर्धन रेड्डी ने 2004 में खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव जीता था। 2009 में विधायक के रूप में भी चुनाव जीत गये। निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्विभाजन के कारण 2014 में नवगठित जुबली हिल्स निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और हार गए। 2018 के चुनाव में भी वे हार गये। विष्णुवर्धन रे्डडी कांग्रेस में हैं। लेकिन सक्रिय राजनीति में नहीं हैं। इसी के चलते रेवंत रेड्डी ने विष्णु को सक्रिय होने की सलाह दी है।

ऐसे हालात में रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में विजया रेड्डी टीआरएस से कांग्रेस में शामिल हुईं। इससे अगले चुनाव में विष्णु को टिकट देने की संभावना प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह भी सवाल उठने की संभावना है कि एक ही परिवार के दो सदस्यों को टिकट कैसे देते हैं। ऐसा माना जाता है कि यही विष्णु के नाराज का कारण हैं। यही नाराजगी व्यक्त करने के लिए विष्णु ने वरिष्ठ नेताओं को लंच पर बुलाया है।

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