हैदराबाद: ‘उस कुर्सी को मोड़कर’ (‘ఆ కుర్చీని మడత పెట్టి’ – तेलुगु: आ कुर्सी मडत पेट्टी) कहते हुए सोशल मीडिया में फेमस हुए कुर्सी ताता उर्फ मोहम्मद पाशा का निधन हो गया। हैदराबाद के कृष्णकांत पार्क में मंगलवार शाम वॉकिंग करते समय लू लगने से वह अचानक गिर पड़े। पार्क में आए कुछ लोगों ने यह देखकर परिवार वालों को सूचना दी। वे आकर पाशा के प्राथमिक उपचार के बाद घर लेकर गये। हालांकि बुधवार शाम 5 बजे के करीब पाशा की तबीयत बहुत बिगड़ गई। पत्नी की गोद में सिर रखकर पाशा ने प्राण त्याग दिए।
वरंगल के करीमाबाद के रहने वाले मोहम्मद पाशा हैदराबाद में रहते थे। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। पाशा हैदराबाद के कृष्ण कांत पार्क के आसपास ज्यादा घूमते थे। वहीं कुछ यूट्यूब चैनलों को इंटरव्यू दिये थे। वहीं एक इंटरव्यू में ‘उस कुर्सी मोड़कर’ डायलॉग बोलकर सोशल मीडिया में काफी फेमस हो गए। ऐसे ही उनका नाम पाशा से बदलकर कुर्सी ताता हो गया। सोशल मीडिया पर मीम्स, रील्स काफी वायरल हुए। इसी बीच पाशा के ‘उस कुर्सी मोड़कर’ डायलॉग को फिल्म में भी मौका मिला। सुपरस्टार महेश बाबू, डायरेक्टर त्रिविक्रम की गुंटूर कारम फिल्म के गाने में कुर्सी ताता का डायलॉग इस्तेमाल किया गया। म्यूजिक डायरेक्टर थमन ने इस डायलॉग को थोड़ा रीमिक्स करके गाने में इस्तेमाल किया, जिससे पाशा और फेमस हो गए। थमन ने ‘उस कुर्सी को मोड़कर’ डायलॉग इस्तेमाल करने के लिए पाशा को कुछ पैसे भी दिए।
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पहले भी कुर्सी ताता के निधन की अफवाह सोशल मीडिया पर फैली थी। लेकिन परिवार वालों ने साफ किया था कि उनका निधन नहीं हुआ है। कुर्सी ताता मीडिया के सामने आकर बोले कि वे जिंदा हैं। गलत प्रचार न करें। तब से कृष्णकांत पार्क के पास फिर से दिखाई दे रहे थे। हालांकि कुर्सी ताता उसी पार्क के पास लू लगने से चल बसे। पाशा के परिवार के साथ कुछ सोशल मीडिया सेलेब्रिटी खड़े हुए। उन्होंने अपनी तरफ से आर्थिक मदद पहुंचाई।
