हैदराबाद : यह सब जानते हैं कि इस समय देश में नीट और अन्य पेपर लीक मामले से हड़कंप मचा हुआ है। इसी मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इसी क्रम में हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना कर चुकी सीजेपी ने रविवार को हैदराबाद के इंदिरा पार्क में अनोखा विरोध कार्यक्रम किया। सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन में मशहूर सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल हुए। इस मौके पर वहां आए युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी युवाओं की है और उनके जैसे लोग हमेशा मार्गदर्शन करते हुए साथ खड़े रहेंगे।
इसी क्रम में सोनम वांगचुक ने आगे कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी बेहद जरूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उनके सांस लेने के लिए शुद्ध हवा और पीने के लिए साफ पानी भी उतना ही जरूरी है। साथ ही उन्होंने हैदराबाद के लोगों के संघर्ष को पूरे देश के लिए आदर्श बताया। हैदराबाद के केबीआर पार्क के संरक्षण के लिए किए गए अभियान और जमीन, नदियों को बचाने के लिए तेलंगाना के हौसले की उन्होंने तारीफ की।

सोनम ने आलोचना की कि शासक इस गलतफहमी में हैं कि जंगलों को काटकर कंक्रीट की बिल्डिंगें और फ्लाईओवर बनाने से जनता खुश होगी। उन्होंने कहा कि ये कंक्रीट के जंगल (बिल्डिंगें) बच्चों का भविष्य नहीं बचा सकते। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो, जंगलों और नदियों को बचाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। तभी जीत मुमकिन है। सोनम वांगचुक ने इच्छा जताई कि लंबे समय तक शिक्षा और पर्यावरण को बचाना है तो सबसे पहले एक सक्रिय और ईमानदारी से काम करने वाला लोकतंत्र चाहिए।
Also Read-
सोनम वांगचुक ने साफ किया कि उन्हें शिक्षा मंत्री बनने या नई राजनीतिक पार्टी बनाने जैसी कोई निजी स्वार्थ या उम्मीदें नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी सत्ता में आने के लिए इस्तेमाल होने वाला राजनीतिक मंच नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता लाने का एक पवित्र प्रयास है। उन्होंने इसे युवाओं को जागरूक करने के मकसद से चल रहा एक शुद्ध आंदोलन बताया।
वांगचुक ने मांग की कि देश में रोज परेशान करने वाली पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी गंभीर समस्याओं को अब तो खत्म किया जाए। उन्होंने दो-टूक कहा कि व्यवस्था में गलती होने पर मंत्री हो या आखिर में प्रधानमंत्री ही क्यों न हो, सबको जनता के प्रति जवाबदेह होना ही होगा। सोनम वांगचुक ने अपील की कि पढ़ाई को सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित न रखकर, शिक्षा व्यवस्था की खामियों को सुधारकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए मजबूत नींव रखनी चाहिए।
