हैदराबाद: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ, वोटर लिस्ट के विशेष सुधार (SIR) प्रक्रिया पर आंदोलन करने का आह्वान करने वाले ‘सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में देश की राजधानी दिल्ली में भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इजाजत न होने पर भी विरोध से पीछे नहीं हटेंगे, ऐसा आंदोलनकारियों ने साफ किया तो दिल्ली पुलिस ने शहर को परत दर परत घेराबंदी में ले लिया है। जंतर-मंतर के आसपास सहित दिल्ली भर में 35,000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस, CAPF और CRPF जवानों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कदम के तौर पर शहर भर में 46 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सीमाओं पर चेकिंग कड़ी कर दी गई है।

पुलिस ने बतायाकानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवांछनीय घटनाओं पर पारदर्शिता के लिए बंदोबस्त में लगे पुलिसकर्मियों को बॉडी कैम दिए गए हैं। ये रात में भी साफ रिकॉर्ड कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों से झड़प या बुरा व्यवहार के आरोप आए तो ये कैमरे ही सच-झूठ साबित करेंगे। फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS), CCTV कैमरे, ड्रोन व इमारतों की छतों पर विशेष निगरानी कर्मियों को तैनात किया गया है। आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए जाने वालों को ले जाने के लिए छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी छह जगहों को विशेष केंद्रों में बदला गया है।
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विरोध में शामिल होने मुंबई से दिल्ली निकले CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। ‘प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं से और लोगों से डर रहे हैं। नहीं तो ट्रेनें, मेट्रो और इंटरनेट सेवाएं बंद करने की क्या जरूरत है? जम्मू-कश्मीर से आर्मी को और नक्सल इलाकों से CRPF को लाकर दिल्ली में तैनात किया गया है। उन्होंने सवाल किया नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश के लोगों पर युद्ध का ऐलान कर रहे हैं क्या?’। उन्होंने साफ किया कि संविधान के आर्टिकल 19 के तहत शांतिपूर्ण विरोध का हक हमें है, गिरफ्तारियों या UAPA, NSA कानूनों से डरने वाले नहीं हैं।
पहले से ही कनॉट प्लेस, जनपथ इलाकों के आसपास विरोध करने की कोशिश करने वाले कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राज्यों की मशीनरी सतर्क हो गई है।
