हैदराबाद: हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाकर पैरोल पर जेल से बाहर आया एक कैदी 40 साल से भी ज्यादा समय तक फरार रहा। इस दौरान सरकारी अध्यापक के रूप में नौकरी हासिल कर लगभग 30 साल तक सर्विस की। बेस्ट टीचर अवॉर्ड भी हासिल किया। आखिर में रिटायर होकर पेंशन ले रहा था तब पुलिस ने उसकी पहचान की और गिरफ्तार किया।
हाईकोर्ट आश्चर्य चकित
तेलंगाना हाईकोर्ट ने इस घटना पर आश्चर्य जताते हुए अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद कैदी वापस जेल आया या नहीं, इसकी अधिकारियों को निगरानी करनी चाहिए। पैरोल पर रिहा होने वाले कैदियों पर विशेष निगरानी व्यवस्था कायम करने का सुझाव दिया। सरकारी नौकरी में शामिल होकर इतने साल काम करने के बाद भी अधिकारियों के न पहचानने पर आश्चर्य जताया।

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1984 से फरार
महबूबाबाद जिला पेद्दामुप्पारम गांव निवासी संदुल वीरन्ना पर 1982 में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। सुनवाई के बाद 1983 में 9 जून को वरंगल के अतिरिक्त जिला जज ने वीरन्ना को उम्रकैद की सजा सुनाई। इससे पुलिस ने उसे वरंगल सेंट्रल जेल भेज दिया। उसी साल 17 दिसंबर को वीरन्ना 30 दिन के पैरोल पर बाहर आया। उसके बाद 1984 में 17 मार्च तक उसकी पैरोल अवधि बढ़ाई गई। 18 मार्च को वीरन्ना को वापस जेल जाना था। हालांकि, तब से 40 साल 58 दिनों तक वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।

उसी समय में वीरन्ना ने सरकारी अध्यापक के रूप में नौकरी पा ली। लगभग 30 साल सरकारी सर्विस में काम करके 2004 में उत्तम अध्यापक पुरस्कार हासिल किया। 2013 में रिटायर होकर पेंशन भी पाई। 2024 में 16 मई को वरंगल सेंट्रल प्रिजन स्पेशल टास्क फोर्स ने उसकी पहचान की और गिरफ्तार करके वापस जेल भेज दिया।
फिर से पैरोल की याचिका
एक बार फिर 2024 में 10 सितंबर को वीरन्ना को 27 दिन का पैरोल मिला था। इसे जेल अधिकारियों ने रद्द कर दिया। नियमों का उल्लंघन करने के कारण तीन साल तक पैरोल न देने का फैसला किया। अधिकारियों के फैसले को चुनौती देते हुए वीरन्ना की पत्नी संदुल चारम्मा (73) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
इस याचिका को हाईकोर्ट की जस्टिस टी. माधवी देवी ने हाल ही में खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने पैरोल अवधि खत्म होते ही कैदी वापस जेल पहुंचे इसके लिए पुख्ता निगरानी व्यवस्था कायम करने की राज्य सरकार और जेल विभाग को सलाह दी। 40 साल तक वीरन्ना के फरार रहने पर कोर्ट ने आश्चर्य जताया। अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई।

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