हैदराबाद : भारत सरकार के अंतर्गत रक्षा मंत्रालय के उद्यम मिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानि) में राजभाषा कार्यान्वयन समिति, मिधानि के तत्वावधान में उद्यम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक पूर्ण दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मिधानि में कार्यरत आधिकारियों व कर्मचारियों को दैनिक कार्यों में कार्यालयीन शब्दावली व लघु टिप्पणियों का प्रयोग, कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग टूल्स, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सी-डैक के सहयोग से विकसित अनुवाद टूल भारती, भाषिणी, शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं
तकनीकी शब्दावली आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध विभिन्न तकनीकी विषयों से संबंधित शब्दावलियों की जानकारी सहित राजभाषा नीति के अंग संवैधानिक प्रावधान, राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा राजभाषा नियम 1976 के अनुपालन से परिचित कराना रहा।

कार्यशाला के आरंभ में उद्यम के प्रबंधक (हिंदी अनुभाग एवं निगम संचार) डॉ. बी. बालाजी ने कार्याशाला के आयोजन का उद्देश्य बताते हुए मिधानि में राजभाषा कार्यान्वयन को गति देने के लिए लागू की गई योजनाओं के बारे में बताया। तीन सत्रों में आयोजित कार्यशाला के पहले सत्र में केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण उप संस्थान, राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (टंकण एवं आशुलिपि) संतोष कुमार ने प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्सर कर्मचारियों में यह भ्रम रहता है कि हिंदी टाइपिंग कठिन है। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में इसी भ्रम को दूर किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर इन्सक्रिप्ट कीबोर्ड, इंडिक इनपुट टूल (फोनेटिक) और गूगल वॉइस टाइपिंग का व्यावहारिक ज्ञान देकर अभ्यास करवाया।

दूसरे संत्र में डॉ. बी. बालाजी, प्रबंधक (हिंदी अनुभाग एवं निगम संचार) ने प्रतिभागियों को राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान, राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा राजभाषा नियम 1976 के अनुपालन की जानकारी देते हुए राजभाषा संबंधी लक्ष्यों पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग (सीएसटीटी CSTT) द्वारा सभी 22 भारतीय भाषाओं में तकनीकी शब्दावलियों का एक बहुभाषी पोर्टल शब्द (SHABD) और आधिकारिक वेबसाइट CSTT लॉन्च की गई है। उन्होंने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर मानक शब्दावली: विज्ञान (भौतिकी, रसायन, गणित), मानविकी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और कृषि जैसे क्षेत्रों के लाखों मानक तकनीकी शब्द, प्रशासनिक शब्दावली: विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में प्रयुक्त होने वाली शब्दावली और विभाग-वार शब्दावली: केंद्रीय भंडारण निगम और अन्य मंत्रालयों/सार्वजनिक उपक्रमों का विशिष्ट शब्द-संग्रह आदि मुख्य शब्दावलियाँ उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेदन किया कि हिंदी में तकनीकी लेखन के लिए इनका अधिक से अधिक प्रयोग करें।
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तीसरे सत्र में कमालुद्दीन, सहायक निदेशक (से.नि.), हिंदी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय ने सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के उपयोग को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लघु टिप्पणियों पर व्याख्यान दिया एवं अभ्यास करवाया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सराकरी फाइलों पर लंबी-चौड़ी टिप्पणियाँ लिखने के बजाय संक्षिप्त और सटीक लघु टिप्पणियों का उपयोग किया जाए। इससे न केवल फाइलों का निपटान तेजी से होगा बल्कि जिन कर्मचारियों की हिंदी पर पकड़ कम है वे भी असानी से काम कर सकते हैं। कमालुद्दीन ने कर्मचारियों
को पत्राचार के नियमों एवं लक्ष्यों के विषय में बताते हुए कहा कि नियमों के तहत देश को तीन क्षेत्र क, ख और ग में बांटा गया है, जिसमें ‘ग’ क्षेत्र के लिए हिंदी में पत्राचार लक्ष्य का 60 फीसदी और टिप्पणियों का 35 फीसदी तय किया गया है।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने राजभाषा हिंदी में कार्य करने के लिए शपथ ली, लिखित रूप में अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की और कार्यशाला को अधिक लाभप्रद बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। कार्यशाला के सफल आयोजन में हिंदी अनुवादक डॉ. विकास कुमार आज़ाद और डाक अनुभाग के कर्मी जयपाल व प्रेम की सक्रिय भूमिका रही।
